फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   RTPCR test could not be done of Staff Members of Chandigarh PGI

पीजीआई के हाल: कोविड जांच के लिए परिसर में ही धक्के खाता रहा स्टाफ कर्मी, सबने कहा-नहीं होगी जांच 

Mon, 10 Jan 2022 11:22 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 10 Jan 2022 11:22 AM IST
सार

पीजीआई प्रशासन ने अपने कर्मचारियों की कोरोना जांच के लिए नेहरू अस्पताल के 3 तल पर स्थित कम्युनिकेबल डिजीज (सीडी) वार्ड में नमूना देने की सुविधा उपलब्ध कराई है। यहां सुबह 8 से 10 बजे तक नमूना लिया जाता है।

विज्ञापन
RTPCR test could not be done of Staff Members of Chandigarh PGI
चंडीगढ़ पीजीआई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई में 500 से ज्यादा डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और उन्हें आरटीपीसीआर जांच के लिए परिसर में ही दर-दर की ठोकर खानी पड़ रही है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सीनियर मेडिकल टेक्नोलॉजी सुभाष चंद्र व दो अन्य कर्मचारी रविवार सुबह 7.30 से 10 बजे तक कम्युनिकेबल डिजीज वार्ड और इमरजेंसी के चक्कर काटते रहे, लेकिन उनकी आरटीपीसीआर जांच नहीं हो सकी। उन्होंने अपनी समस्या दूर करने के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से तैनात डॉक्टरों से भी गुहार लगाई, लेकिन वह भी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पाए। चौंकाने वाली बात यह है कि जांच करने वालों ने कर्मचारियों को जीएमएसएच- 16 में जाकर जांच कराने की सलाह दे दी। 

विज्ञापन

तीनों कर्मचारियों को कटवाया चक्कर, थक कर घर लौटे 

पीजीआई प्रशासन ने अपने कर्मचारियों की कोरोना जांच के लिए नेहरू अस्पताल के 3 तल पर स्थित कम्युनिकेबल डिजीज (सीडी) वार्ड में नमूना देने की सुविधा उपलब्ध कराई है। यहां सुबह 8 से 10 बजे तक नमूना लिया जाता है। इसके बाद इमरजेंसी में नमूना लिया जाता है। लेकिन रविवार को जांच कराने पहुंचे इन तीनों कर्मचारियों को सुबह 7.30 बजे से 10 बजे तक यहां से वहां चक्कर लगवाया गया। तीनों कर्मचारी अंत में थक कर अपने घर लौट आए। 

विज्ञापन

सुभाष की जुबानी.. किस तरह झेलनी पड़ी उन्हें परेशानी

सुभाष चंद्र ने बताया कि वह सुबह 8.15 बजे सीडी वार्ड पहुंचा, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर ने कहा कि आज नमूना नहीं लिया जाएगा। पूछने पर बताया गया कि इमरजेंसी में जाकर नमूना दे दें। मैं इमरजेंसी पहुंचा। वहां पहुंचने पर पता चला कि अभी डॉक्टर ही नहीं आए हैं। सुबह 9 बजे एक रेजिडेंट डॉक्टर आए। उन्होंने भी नमूना लेने से इनकार कर दिया और मुझे दोबारा सीडी वार्ड भेज दिया। मैंने जब वहां से लौटाए जाने की बात बताई तो उन्होंने एक कागज पर अपना नंबर लिख कर दे दिया और कहा कि अगर कोई परेशानी हो तो डॉक्टर से इस नंबर पर बात करा दीजिएगा। लेकिन जब मैं दोबारा सीडी वार्ड में गया तो वहां मौजूद डॉक्टर ने जांच करने के साथ ही दिए गए नंबर पर बात करने से भी इनकार कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद मैंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की तरफ से तैनात किए गए रेजिडेंट डॉक्टर के नंबर पर कॉल किया। उन्होंने मेरी समस्या को गंभीरता से सुना और सीडी वार्ड और इमरजेंसी में जाकर जांच करवाने को कहा। दोनों ही जगहों से लौटाए जाने की सूचना पर उन्होंने एडवांस ट्रामा सेंटर में भेजा। लेकिन ट्रॉमा सेंटर में मौजूद रेजिडेंट डॉक्टर ने भी यह कह कर नमूना लेने से मना कर दिया कि यहां पर केवल मरीजों की जांच के लिए नमूना लिया जाता है। 

रविवार को एडवांस ट्रामा सेंटर से 305 नमूने लिए गए हैं। इनमें मरीजों के साथ कर्मचारियों का भी जांच का नमूना शामिल है। कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सोमवार से ट्रॉमा सेंटर में भी उनके लिए जांच की सुविधा शुरू की जा रही है। -प्रो. विपिन कौशल, चिकित्सा अधीक्षक पीजीआई

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed