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आरक्षण के मुद्दे पर खुलकर बोले RSS के दिग्गज नेता, दे गए बड़ा बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Updated Fri, 17 Feb 2017 05:15 PM IST
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आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार
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आरएसएस प्रचारक और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक दिग्ग्ज नेता आरक्षण के मुद्दे पर खुलकर बोले और इस बातचीत के दौरान उन्होंने बड़ा बयान दे दिया।
मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने जातिवाद आरक्षण का विरोध करते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की मांगे समाज और देश में विघटन करा रही हैं, जो देश के लिए नुकसानदायक है।
इंद्रेश कुमार ने यह बातें करनाल में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अमर उजाला द्वारा जाट आंदोलन पर पूछ गए प्रश्र के जवाब में कही।
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मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने जातिवाद आरक्षण का विरोध करते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की मांगे समाज और देश में विघटन करा रही हैं, जो देश के लिए नुकसानदायक है।
इंद्रेश कुमार ने यह बातें करनाल में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अमर उजाला द्वारा जाट आंदोलन पर पूछ गए प्रश्र के जवाब में कही।
जातिवाद आरक्षण की मांग करना गलत है
Indresh Kumar
- फोटो : File Photo
इंद्रेश कुमार ने कहा कि मैं किसी के मांग का विरोध नहीं करता। यह उनका मौलिक अधिकार है कि वे कोई भी मांग कर सकते हैं, लेकिन जाति आधारित मांग समाज को बांटता है।
जाति आधार पर पहले ही एससी-एसटी और ओवीसी जैसे वर्ग के लोगों को आरक्षण दिया जा चुका है। अब बाकि बची हुई जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए। इससे सभी जाति के कमजोर लोगों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण मुद्दे को लेकर हरियाणा, राजस्थान और यूपी के कई जाट नेताओं ने मुझसे बातचीत की थी। उस दौरान भी उन लोगों ने यह माना था कि जातिवाद आरक्षण की मांग गलत है। तब मैनें कहा था कि जब आपको लगत है कि यह गलत है तो इसे रोकिए। आरक्षण की मांग को लेकर हिंसा किसी भी तरह से जायज नहीं है।
जाति आधार पर पहले ही एससी-एसटी और ओवीसी जैसे वर्ग के लोगों को आरक्षण दिया जा चुका है। अब बाकि बची हुई जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलना चाहिए। इससे सभी जाति के कमजोर लोगों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण मुद्दे को लेकर हरियाणा, राजस्थान और यूपी के कई जाट नेताओं ने मुझसे बातचीत की थी। उस दौरान भी उन लोगों ने यह माना था कि जातिवाद आरक्षण की मांग गलत है। तब मैनें कहा था कि जब आपको लगत है कि यह गलत है तो इसे रोकिए। आरक्षण की मांग को लेकर हिंसा किसी भी तरह से जायज नहीं है।