RSS प्रमुख ने किसे कहा, 'आपसे बात करुंगा तो डांट पड़ेगी मुझे'
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने सोमवार को मीडिया से कहा कि अगर मैं आपके साथ बात करूंगा तो मुझे डांट पड़ेगी, यह मेरा काम नहीं है। एनडीए सरकार पर आरएसएस के प्रेशर के सवाल पर वह हंसते हुए गाड़ी की ओर चल पड़े और बिना जवाब दिए ही चले गए।
मोहन भागवत कड़े सुरक्षा प्रबंधों में रोपड़ के लहरीशाह मंदिर परिसर में आरएसएस के स्वयंसेवकों को संबोधित करने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह के आदर्शों का अनुकरण करना हमारा कर्तव्य है। युवा भगत सिंह के जीवन का अनुकरण करें।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जेड प्लस सुरक्षा के घेरे में सुबह करीब 6.45 के रोपड़ पहुंचे। उन्होंने लहरीशाह मंदिर के सामने लगी स्वयंसेवकों की शाखा को संबोधित किया। इस शाखा के बाहर पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे । शाखा के अंदर स्वयंसेवकों के अलावा किसी को नहीं जाने दिया गया।
मीडिया को भी शाखा से दूर रखा गया। यहां तक कि जब भागवत के संबोधन के दौरान शाखा में लगाए लाउडस्पीकर की आवाज भी इनती कम कर दी गई कि पंडाल के बाहर तक उनकी आवाज तक नहीं आई।
भागवत के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सख्त
जब भागवत शाखा से बाहर आए तो मीडिया ने उनसे बात करनी चाही पर सुरक्षा कर्मियों ने पास नहीं जाने दिया। इसके बाद मोहन भागवत ने लरही शाह मंदिर में माथा टेका और सनसिटी कालोनी के एक घर में नाश्ते के लिए चले गए।
यहां पर जब भागवत गाड़ी में बैठने लगे तो मीडिया कर्मियों ने उनके साथ बात करने की कोशिश की। वह भगत सिंह पर बोलते हुए यहां से भी निकल गए।। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में ध्वज प्रणाम के बाद मातृभूमि का गीत गाया गया, जिसके भाव थे कि कश्मीर भारत माता का शीश है, इसे कभी अलग नहीं किया जा सकता, कश्मीर भारत का अटूट अंग है, इसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जा सकता। देशवासी राष्ट्रहित के लिए हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।
सख्त रही सुरक्षा व्यवस्था: मोहन भागवत के रोपड़ आने पर पुलिस ने सख्त सुरक्षा प्रबंध किए थे। लहरीशाह मंदिर रोड पर पुलिस ने नाका लगाकर सड़क पर आवाजाही तक बंद कर दी। इसके अलावा जितना समय भी भागवत मंदिर परिसर में रहे उतनी देर तक किसी भी श्रद्धालु को माथा टेकने के लिए नहीं आने दिया गया।
स्वयंसेवकों की शाखा के दौरान भी मोबाइल फोन, घड़ियां एवं पर्स आदि ले जाने की अनुमति नहीं थी। सनसिटी कालोनी में नाश्ते के दौरान पहले सेहत विभाग की टीम ने सैंपल लिए। इसके बाद भागवत ने नाश्ता किया। इस दौरान मीडिया को भागवत के नजदीक तक नहीं जाने दिया गया।