Haryana News: पुलिसकर्मियों को 400 रुपये मासिक मोबाइल भत्ता व मुंशी को अतिथि सत्कार के मिलेंगे 3000
कांस्टेबलों और हेड कांस्टेबलों के लिए 200 रुपये, एएसआई के लिए 250 रुपये, एसआई के लिए 300 रुपये और इंस्पेक्टरों के लिए 400 रुपये मासिक मोबाइल भत्ता देने की भी घोषणा की।
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नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचकूला के इंद्रधनुष सभागार में सोमवार को पहली बार एसएचओ, सीआईए प्रभारियों, थाना मुंशी और हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) सहित विभिन्न पुलिस इकाइयों के अधिकारियों व कर्मियों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस अधिकारियों को पुलिस स्टेशनों में तैनात कर्मियों के बराबर एक महीने में अधिकतम 20 डेली देने की घोषणा की।
उन्होंने कांस्टेबलों और हेड कांस्टेबलों के लिए 200 रुपये, एएसआई के लिए 250 रुपये, एसआई के लिए 300 रुपये और इंस्पेक्टरों के लिए 400 रुपये मासिक मोबाइल भत्ता देने की भी घोषणा की। इसके अलावा, सीएम ने यह भी घोषणा की है कि पुलिस स्टेशनों में तैनात मुंशियों को अतिथि सत्कार के लिए प्रति माह 3000 रुपये दिए जाएंगे। यह देश में पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं के मुद्दे पर सीधे 411 थानों के लगभग 1200 एसएचओ, सीआईए प्रभारियों, थाना मुंशी से नशे की रोकथाम के लिए सीधा संवाद किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हरियाणा पुलिस का प्रहरी एप भी लॉन्च किया। उन्होंने हरियाणा पुलिस के प्रतीक चिन्ह का भी अनावरण किया और इसे हरियाणा के पुलिस महानिदेशक श्री प्रशांत कुमार अग्रवाल की वर्दी पर सुशोभित भी किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की उनके अथक समर्पण के लिए सराहना की और नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं से संबंधित बढ़ती समस्या तथा युवाओं और समाज पर इसके पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने नशीली दवाओं के तस्करों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में हरियाणा पुलिस व हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ जून में चल रहे ‘ऑपरेशन ध्वस्त‘ की प्रशंसा की।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अनिल विज ने देश की प्रगति और भविष्य में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और उन्हें नशे की लत में पड़ने से रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान डीजीपी हरियाणा पीके अग्रवाल व अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह)टीवीएसएन प्रसाद समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग से होने वाली समस्याओं को रेखांकित किया, जिनमें स्वास्थ्य को नुकसान, सामाजिक अस्थिरता और अपराध दर में वृद्धि शामिल है। उन्होंने इस मुद्दे पर काबू पाने के लिए एकता और सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।