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कृषि कानून : किसान आंदोलन की वजह से मालगाड़ियों का आवागमन ठप, रेलवे को 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान
Wed, 04 Nov 2020 02:39 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 04 Nov 2020 02:39 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : youtube
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कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। राज्य में 32 जगह किसान संगठन रेल ट्रैक पर बैठे हैं। यही वजह है कि रेल मंत्रालय ने सात नवंबर तक पंजाब में रेलगाड़ियों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
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मंत्रालय का कहना है कि राज्य सरकार सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करेगी तो मालगाड़ियों को फिर से चलाया जाएगा। हालांकि पंजाब सरकार लगातार केंद्र से मालगाड़ियों की सेवा बहाल करने की अपील कर रही है। इन सब का असर रेलवे की आर्थिक सेहत पर पड़ रहा है।
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किसान आंदोलन की वजह से 2225 से अधिक मालगाड़ियों का संचालन नहीं हो पाया है और रेलवे को लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस बात की जानकारी आधिकारियों ने दी है। एक अधिकारी ने बताया है कि रेल पटरियों और प्लेटफॉर्म के नजदीक कई जगह किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। जिसके चलते लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सुरक्षा कारणों से ट्रेनों का संचालन ठप है।
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अचानक ट्रेन रोक चुके प्रदर्शनकारी
आधिकारी ने कहा कि ये प्रदर्शनकारी इससे पहले अचानक ही कुछ ट्रेनों को रोक चुके हैं। यही कारण है कि मालगाड़ियों को सुरक्षा चिंताओं की वजह से राज्य में नहीं चलाया जा रहा है। अभी भी अमृतसर के जंडियाला, पटियाला के नाभा व तलवंडी साबो और बठिंडा में नाकेबंदी जारी है।
सामान की आपूर्ति पर पड़ा प्रतिकूल प्रभाव
अधिकारी ने कहा कि कुछ जगह रेल पटरियों में चल रहे आंदोलन की वजह से मालगाड़ियों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। इसी वजह से कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़े अवाश्यक सामानों की आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
बिजली संकट के मुहाने पर पंजाब
मालगाड़ियों के ठप होने की वजह से पंजाब में अवाश्यक वस्तुओं, यूरिया और कोयले की कमी हो गई है। कोयले की कमी की वजह से राज्य के सभी तापीय बिजली संयत्रों में विद्युत उत्पादन ठप है। पंजाब बिजली संकट के मुहाने पर खड़ा है। आंदोलन की वजह से पंजाब में लगभग 1350 मालगाड़ियों का संचालन रद्द करना पड़ा है या उनका मार्ग बदल दिया गया है। वहीं किसान संगठनों ने निजी तापीय बिजली संयत्रों को जाने वाले रेल ट्रैक को खाली करने से इनकार कर दिया है।
रेलमंत्री ने कैप्टन को लिखा था पत्र
बता दें कि रेल मंत्री पीयूष गोयल इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिख चुके हैं। इसमें उन्होंने कैप्टन सरकार से मालगाड़ियों को पुन: शुरू करने से पहले रेलवे कर्मियों की सुरक्षा का आश्वासन मांगा था। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर राज्य में मालगाड़ियों के दोबारा संचालन की अपील की थी।