फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Rotten Wheat distributed to Poor in Chandigarh

भूख से मजाक: चंडीगढ़ में गरीबों को बांटा जा रहा सड़ा हुआ कंकड़ मिला गेहूं, विभाग ने एजेंसी को दिया नोटिस

Sat, 11 Sep 2021 02:09 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 11 Sep 2021 02:09 PM IST
सार

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत गरीबों को गेहूं मुफ्त दिया जाता है। इसका जिम्मा एक एजेंसी को सौंपा गया है। गुरुवार तक बांटे गए 25 किलो की बोरियों को जब लोगों ने घर जाकर खोला तो यह अंदर से काला और सड़ा हुआ गेहूं निकला। इसमें कंकड़ों की भरमार थी।

विज्ञापन
Rotten Wheat distributed to Poor in Chandigarh
गरीबों को बांटा गया खराब गेहूं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री के नाम पर चल रहीं योजना के नाम पर चंडीगढ़ के हजारों गरीबों से क्रूर मजाक किया गया है। उन्हें ऐसा गेहूं बांट दिया, जो पूरी तरह सड़ चुका था। कंकड़ की भरमार वाले इस गेहूं को पीसने से चक्की वालों ने भी इनकार कर दिया। विरोध हुआ तो आनन फानन अफसरों ने राशन वितरण रोक दिया है।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत गरीबों को गेहूं मुफ्त दिया जाता है। इसका जिम्मा एक एजेंसी को सौंपा गया है। गुरुवार तक बांटे गए 25 किलो की बोरियों को जब लोगों ने घर जाकर खोला तो यह अंदर से काला और सड़ा हुआ गेहूं निकला। इसमें कंकड़ों की भरमार थी। इसे देखकर लोगों के होश उड़ गए। उसमें से कुछ को अलग कर जब वह इसे पिसवाने के लिए चक्की पर लेकर गए तो गेहूं को देखते ही उन्होंने इनकार कर दिया। कुछ पीसने को राजी हुए तो ज्यादा पैसे मांगने लगे। कुछ लोगों ने परेशान होकर यह गेहूं जानवरों के आगे डाल दिया। इसके बाद लोगों में रोष फैल गया। शुक्रवार को उन्होंने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। मामले ने तूल पकड़ा तो अफसरों ने शुक्रवार को सारे केंद्रों पर राशन का वितरण रुकवा दिया। 
विज्ञापन



खाद्य विभाग के कुछ अधिकारी राजपुरा स्थित एफसीआई के गोदाम और कुछ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मिल में पहुंचे। इसी मिल में एफसीआई से गेहूं को लाकर 25 किलो की थैलियों में भरा जाता है। दिनभर गेहूं की गुणवत्ता की जांच चली। वहीं, विभाग ने कई थैलियों को एफसीआई को लौटा दिया और राशन के कुछ ट्रकों को भी वापस भेज दिया। गलती किस स्तर पर हुई है, इसके लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), प्रशासन के खाद्य व आपूर्ति विभाग और राशन वितरण का कार्य कर रही एजेंसी केअपने-अपने तर्क हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

जिन्होंने गेहूं पिसवाया, बोले- आटे का स्वाद भी कड़वा

पार्षद विनोद अग्रवाल ने कहा कि लोग गेहूं को लेकर उनके घर पहुंच रहे हैं और वापस कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा गेहूं पशुओं को डाला जाता है। प्रशासन ने गरीब लोगों को ऐसा गेहूं बांटकर मारने का काम किया है। जिन लोगों ने गेहूं पिसवाया है, उनका कहना है कि आटे का स्वाद कड़वा है। आरोप है कि सरकार मुफ्त में गेहूं दे जरूर रही है, लेकिन ऐसा गेहूं तो भेजे, जिसे इंसान खा सकें। गेहूं की बोरियां खोलते ही बदबू और भारी मात्रा में धूल मिट्टी निकलती है। राशन बांटने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों से जब शिकायत की जाती है तो उन्हें सिर्फ एक ही जवाब मिलता है कि पीछे से ही ऐसा गेहूं आया हुआ है।

खाद्य व आपूर्ति विभाग ने एजेंसी को दिया शोकॉज नोटिस
राशन बांटने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही खराब गेहूं की शिकायत आने लगी थी। इस हफ्ते लोगों का विरोध बढ़ गया। मनीमाजरा, इंदिरा कॉलोनी, मलोया, डड्डूमाजरा समेत कई इलाकों में लोगों ने खराब गेहूं मिलने की शिकायत की। खाद्य व आपूर्ति विभाग के सचिव विनोद पी. कावले ने भी बापूधाम में बंट रहे गेहूं की गुणवत्ता की जांच की। गुरुवार और शुक्रवार को कई बैठकें हुईं और राशन वितरण कंपनी को शोकॉज नोटिस जारी किया गया। विभाग का कहना है कि एजेंसी को मालूम था कि गेहूं खराब है तो उन्होंने विभाग को इस बात की सूचना क्यों नहीं दी।


गेहूं इतना घटिया, जानवर को देना पड़ा
मुझे मलोया में गेहूं मिला। उसकी गुणवत्ता इतनी घटिया थी कि पशुओं को खिलाना पड़ा। कुछ गेहूं पिसवाया है, उसका स्वाद बेहद कड़वा है। सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है। - दिलीप सिंह, निवासी, मलोया

गेहूं को देखते ही पीसने से किया मना
मुझे गेहूं मिला तो इसे पिसवाने केलिए मैं मनीमाजरा स्थित चक्की पर गया। उन्होंने गेहूं को देखते ही पीसने से मना कर दिया। कहा कि ये घटिया क्वालिटी का गेहूं है। इसमें मिलावट है। इसे नहीं पीसेंगे। - नरेश, निवासी, इंदिरा कॉलोनी

सरकारी गेहूं मतलब जानवरों का खाना
दो दिन पहले ही गेहूं मिला है। ये जानवरों का खाना है। गेहूं को थैलियों में बांटा जा रहा है, जिससे मौके पर पता नहीं चलता। घर में जब थैलियों को खोला तो उसमें से बदबू आ रही थी। सभी पड़ोसियों को ऐसा ही गेहूं मिला है। - श्रीनिवास, निवासी, इंदिरा कॉलोनी

गेहूं की जांच की जा रही है। खराब मिलने पर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को गेहूं का कुछ स्टॉक वापस किया गया है।  - विनोद पी. कावले, सचिव, खाद्य व आपूर्ति विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed