बहनों की 'बहादुरी' भाड़ में, सम्मान बचाने की तैयारी
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रोडवेज बस में बहनों की कथित बहादुरी पर सवाल उठने के बाद मामले में अब सशर्त समझौता होने के आसार बनते दिख रहे हैं।
बृहस्पतिवार रात को दहिया खाप ने थाना कलां निवासी लड़की पक्ष से गुपचुप बैठक की। अब रविवार को फिर से बैठक होगी।
दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया का दावा है कि वे दोनों पक्षों के संपर्क में हैं और जल्द ही समझौते की उम्मीद बनती नजर आ रही है। वहीं, पूजा और आरती के पिता राजेश का कहना है कि उनकी ओर से गठित की गई 25 सदस्यीय कमेटी ही खाप सदस्यों से बता करेगी। बता दें कि 18 जनवरी को महापंचायत में दोनों पक्षों को मनाने की जिम्मेदारी हुड्डा व दहिया खाप को सौंपी गई थी।
समझौता किन शर्तों पर होगा!
सुरेंद्र दहिया ने दावा किया है कि बैठक में लड़कियों की ओर से कमेटी सदस्यों ने सार्थक बात की है। समिति सदस्यों व परिजनों का कहना है कि समझौता तभी संभव है जब दोनों बहनों का सामाजिक सम्मान भी बरकरार रखा जाए। दोनों पक्षों की ओर से समझौता किन शर्तों पर होगा, ये तो रविवार को ही बैठक में तय हो सकेगा।
यूं बोले राजेश
पूजा और आरती के पिता राजेश बैरागी ने बताया कि उनसे दहिया खाप के प्रधान समेत अन्य लोगों ने विचार विमर्श किया था। रविवार को बैठक की बात कर रहे हैं। इस बैठक में उनकी ओर से गठित कमेटी ही शामिल होगी।
उन्हें उस दिन दिल्ली में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में जाना है। उनकी दोनों बेटियों को दिल्ली में भारतीय वैष्णव स्वामी पंजयण ट्रस्ट की ओर से सम्मानित किया जा रहा है।