रोहतक सिस्टर्स ने अब SIT पर आरोप लगा चौंकाया
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चलती बस में दो बहनों से कथित छेड़छाड़ व मारपीट का मामला मीडिया ट्रायल बनकर रह गया है। लड़कियों के पिता राजेश व वकील ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है।
कहा कि 28 नवंबर को घटना वाले दिन लड़कियों को आरोपी युवकों ने चलती बस से फेंकने का प्रयास किया, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास की धारा 307 नहीं जोड़ी।
आरोप लगाया है कि सीबीआई लैब में भी सही ढंग से पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं करवाया गया। लड़कियों के पिता थाना खुर्द गांव निवासी राजेश बुधवार सुबह 11 बजे महाबीर पार्क में मीडिया से मुखातिब होकर जांच टीम की कमियों को उजागर करेंगे।
जांच प्रक्रिया को लंबा खींचने का आरोप
लड़की पक्ष के वकील अतर सिंह ने बताया कि चलती बस में 28 नवंबर को जब लड़कियों ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें चलती बस से नीचे फेंकने का प्रयास किया।
लिखित में शिकायत देकर पुलिस से मांग की गई थी कि केस में आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए, लेकिन पुलिस ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
उल्टा सीबीआई लैब में लड़कियों से ऐसे सवाल पूछे गए कि जिनका केस से कोई संबंध नहीं था। ऊपर से रिपोर्ट लीक करने वालों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्हें पूरा शक है कि जांच टीम आरोपियों को बचाने के लिए जांच प्रक्रिया को लंबा खींच रही है। अब वे मीडिया के माध्यम से एसआईटी की हकीकत को प्रदेश की जनता के सामने रखेंगे।
हमारी तरफ से समझौते का कोई प्रयास नहीं
उधर, आरोपी पक्ष के वकील प्रदीप मलिक का कहना है कि शिकायतकर्ता लड़कियों के साथ समझौते का उनकी तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया।
मामले में लड़कों ने बहुत कुछ झेला है। वे चाहते हैं कि कानून अपना काम करे। लड़के निर्दोष साबित होंगे। मलिक ने राज्य महिला आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।