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रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन का बिगुल फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Jun 2014 11:31 PM IST
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हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ) ने 10 जून को जींद में बैठक बुलाई है जबकि अन्य संगठनों की तालमेल समिति ने 7 जून को कुरुक्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाया है।
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रोडवेज यूनियन के प्रधान सरबत पूनिया, महासचिव धर्मबीर हुड्डा, अन्य पदाधिकारियों श्रवण जांगड़ा, बलबीर जाखड़ ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार रोडवेज का निजीकरण कर परिवहन विभाग को बर्बाद करने पर तुली हुई है।
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हालांकि कर्मचारियों के आंदोलन के कारण सरकार को कदम पीछे हटाने पड़े मगर गत 20 से 23 जनवरी तक उनके संगठन की तरफ से की गई हड़ताल को खत्म कराने के लिए सरकार ने साजिश रचकर एकता तोड़ने में कामयाबी हासिल की थी। तब आधी रात में समझौता किया था और वह समझौता अब धोखा साबित हुआ है।
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हालांकि समझौते में कई शर्तें गैर कानूनी थी मगर चालकों, परिचालकों ने उसे भी मान लिया और शपथ पत्र दे दिए मगर आज तक एक भी कर्मचारी को रेगुलर नहीं किया।
निजीकरण की राह पर
नेताओं ने कहा कि निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में 141 निजी परमिट दिए जा चुके हैं और अन्य से पसंद के मार्ग पूछे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस दिन 3519 निजी बसें सड़कों पर होंगी उस दिन विभाग की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। इसलिए उनके संगठन ने आंदोलन करने का फैसला किया है। आंदोलन की रूपरेखा 10 जून की बैठक में तय होगी।
सरकार आंदोलन की भाषा समझती है : किरमारा
सरकार के साथ समझौता करने वाली तालमेल समिति के सदस्य दलबीर किरमारा ने जारी बयान में कहा कि सरकार केवल आंदोलन की भाषा समझती है। इसलिए तालमेल समिति 7 जून को कुरुक्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन में अगले आंदोलन की घोषणा कर देगी। किरमारा ने कहा कि 13-14 नवंबर, 2013 और 20-21 जनवरी, 2014 को हुए समझौते में सरका ने जो मांगें मानी थी उन्हें आज तक लागू नहीं किया।