किसान आंदोलन : चार दिन बाद राहत, चंडीगढ़-हरिद्वार समेत चार लंबे रूट पर रोडवेज बस सेवा शुरू
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दिल्ली-हरियाणा बार्डर पर चार दिन से चल रहे किसान आंदोलन के कारण एनएच-44 पर चंडीगढ़ की तरफ लगे जाम से रविवार को कुछ राहत मिली। रविवार को सोनीपत से चार लंबे रूट पर दोबारा रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। अब यात्रियों को चंडीगढ़ व हरिद्वार की तरफ आने-जाने में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सिंघु बॉर्डर सील होने के कारण दिल्ली, शिमला, सुजानपुर, आगरा व जयपुर रूट फिलहाल बंद हैं। दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान आंदोलन के कारण चार दिन से बंद एनएच-44 पर कई जगह जाम खुलने लगा है। ऐसे में सोनीपत बस अड्डे से एनएच-44 पर विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। सोनीपत से रविवार को चंडीगढ़, अंबाला, लखनपुर, बृजघाट, मेरठ, हरिद्वार के अलावा बड़ौत व पानीपत रूट पर बसें चलाई गईं।
यात्रियों की सुविधा के लिए चंडीगढ़ रूट पर आठ, अंबाला तक तीन, सोनीपत से सीधे जम्मू बॉर्डर लखनपुर तक तीन, हरिद्वार, बृजघाट व मेरठ एक-एक के अलावा पानीपत व बड़ौत तक आठ-आठ बसें चलाई गई हैं।
खानपुर कलां रूट पर एक बस के संचालन से लोग परेशान
किसान आंदोलन के कारण पुलिस फोर्स 50 बसें भेजे जाने के बाद खानपुर कलां रूट पर एक बस का संचालन किया गया। इसके बावजूद खानपुर रूट पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने रोडवेज अधिकारियों से खानपुर कलां रूट पर बसों के फेरे बढ़वाने की मांग की है। किसान आंदोलन के पहले खानपुर कलां रूट पर चार बसें चलती थी।
एनएच 44 से चार दिन बाद लंबे रूट पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। किसान आंदोलन के कारण सिंघु बॉर्डर सील होने के कारण दिल्ली व दिल्ली से होकर अन्य रूट पर चलने वाली बसों का अभी संचालन बंद है। - राहुल जैन, जीएम रोडवेज