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सरकार की सख्ती और इस रणनीति ने फेल की रोडवेज कर्मियों की हड़ताल, पर मिली बड़ी चेतावनी

Thu, 06 Sep 2018 10:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/चंडीगढ़ Updated Thu, 06 Sep 2018 10:04 AM IST
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Roadways employees strike failed in Haryana
हड़तालियों पर कार्रवाई करते पुलिसकर्मी
 पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों पर ऐसी कड़ाई की बुधवार की कर्मचारियों की हड़ताल विफल हो गई। हालांकि, कर्मचारियों की गुटबाजी ने सरकार की अधिक मदद की। कुल 13 यूनियनों में से 5 हड़ताल के समर्थन में थीं, जबकि 8 यूनियनों ने हड़ताल में भाग नहीं लिया। इस कारण रोडवेज की कुल 4200 बसों में से दोपहर बाद आधे से ज्यादा बसें सड़कों पर चलीं। हालांकि, लंबे रूट पर नौ पड़ोसी राज्यों में बस सेवा बाधित रही। 
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हिसार और रेवाड़ी में हड़ताल का काफी असर देखा गया। रोडवेज को एक दिन में दो करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। फतेहाबाद, हिसार, सिरसा और जींद डिपो में पुलिस ने हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। इनकी संख्या करीब 462 बताई जा रही है। उधर, कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करने से रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी खफा है। कमेटी ने वीरवार को जींद में आपात बैठक बुलाई है। इसमें हड़ताल की समीक्षा कर कमेटी आगामी आंदोलन की घोषणा करेगी।
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Roadways employees strike failed in Haryana
रोडवेज हड़ताल
जानकारी के अनुसार, एस्मा के बावजूद चक्का जाम कर रहे रोडवेज कर्मचारियों पर पुलिस ने जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला और चंडीगढ़ डिपो में जमकर लाठियां भांजी। बसें चलाने से रोकने वाले कर्मचारियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें कई कर्मचारियों को चोटें आई हैं। कुछ को अस्पताल में इलाज तक कराना पड़ा है। कई जगहों पर पुलिस और कर्मचारियों में बहस और धक्कामुक्की तक हुई है।

जिला प्रशासन की ओर से हड़ताल को तोड़ने के लिए भारी पुलिस बल के साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया था। रोडवेज कर्मचारी हरियाणा सरकार की किलोमीटर स्कीम के विरोध में चक्का जाम करने का ऐलान किया था।

रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से किलोमीटर स्कीम के तहत लाई जा रहीं 720 बसों का विरोध कर रहे हैं। बीते माह हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने पांच सितंबर को चक्का जाम का एलान किया था। इसके बाद सरकार ने कमेटी को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद सरकार ने एस्मा लागू कर रोडवेज कर्मियों की हड़ताल छह महीने के लिए पाबंदी लगा दी थी।

चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी

Roadways employees strike failed in Haryana
रोडवेज हड़ताल
 बावजूद इसके बुधवार को रोडवेज कर्मियों ने चक्का जाम किया। कुछ डिपो में मंगलवार शाम से बसें चलानी बंद कर दी गई थीं। इसे देखते हुए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया और सभी डिपो पर भारी पुलिस बल तैनात किया। एसडीएम की ड्यूटी मौके पर लगाई गई। रोडवेज कर्मियों ने जैसे ही बुधवार सुबह बसें रोकने का सिलसिला शुरू किया, पुलिस-प्रशासन सख्ती बरतनी शुरू कर दी।

हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत, दलबीर किरमारा, बाबूलाल यादव, जयभगवान कादियान, बलवान सिंह दोदवा व नसीब जाखड़ ने कहा कि ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने अपनी घोषणा के अनुसार किलोमीटर स्कीम के विरोध में चक्का जाम किया। कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए कई डिपो में लाठीचार्ज करवाया।

कमेटी सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करती है। कमेटी सदस्यों ने चेतावनी दी है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। किलामीटर स्कीम किसी सूरत में लागू नहीं होने दी जाएगी।
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संयुक्त संघर्ष समिति छह सितंबर को करेगी प्रदर्शन

Roadways employees strike failed in Haryana
लाठीचार्ज करते पुलिसकर्मी
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह धनखड़, इंद्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया व पहल सिंह तंवर ने हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर लाठीचार्ज व गिरफ्तारी की निंदा की है। संघर्ष समिति नेताओं ने सभी गिरफ्तार कर्मचारियों को तुरंत बिना शर्त रिहा करने व कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे रद करने की मांग भी उठाई है।

लोकतंत्र में आंदोलन करने वाले कर्मचारियों पर एस्मा लगाना अनुचित है। हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई की गई तो सरकार को निर्णायक आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। 6 सितंबर को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारी सभी जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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