{"_id":"68d835be27357a24d807bb99","slug":"roads-from-lake-to-matka-chowk-became-practice-grounds-chandigarh-news-c-16-pkl1079-830528-2025-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: लेक से मटका चौक तक सड़कें बनी अभ्यास का मैदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: लेक से मटका चौक तक सड़कें बनी अभ्यास का मैदान
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के स्केटिंग खिलाड़ी अक्सर सुबह के समय लेक से लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट चौक और सेक्टर-9 के मटका चौक तक सड़क पर अभ्यास करते हुए नजर आते हैं। ये खिलाड़ी आगामी स्टेट और नेशनल प्रतियोगिता के लिए रोड रेस की तैयारी कर रहे हैं। उनके साथ अभिभावक भी वाहन लेकर साथ-साथ साथ चलते हैं।
हालांकि, यह अभ्यास खिलाड़ियों के लिए जरूरी है लेकिन कई बार सड़क पर हादसों का कारण बन सकता है। सुबह के समय स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण सड़क पर अभ्यास करना और भी खतरनाक हो जाता है। इन खिलाड़ियों के हेलमेट पर कोई रोशनी नहीं होती और ड्रेस पर चमकदार पहचान चिह्न भी नहीं होता जिससे सड़क पर आने वाले लोगों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है।
खिलाड़ियों की मजबूरी
कोच और स्केटिंग एसोसिएशन के अधिकारी हरप्रीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों को रोड रेस के लिए सड़क पर अभ्यास करने के लिए मजबूर होना पड़ता है क्योंकि उनके पास अभ्यास के लिए कोई रिंक नहीं है। इस बारे में कई बार प्रशासन और खेल विभाग को लिखित में सुझाव दिया गया। विभाग ने सारंगपुर के पास स्केटिंग ट्रैक बनाने की ड्राइंग तक बनवा ली थी लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में सड़क पर ही अभ्यास करना पड़ता है जिससे न केवल उनका प्रशिक्षण प्रभावित होता है बल्कि सुरक्षा का खतरा भी रहता है।
विज्ञापन
हालांकि, यह अभ्यास खिलाड़ियों के लिए जरूरी है लेकिन कई बार सड़क पर हादसों का कारण बन सकता है। सुबह के समय स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण सड़क पर अभ्यास करना और भी खतरनाक हो जाता है। इन खिलाड़ियों के हेलमेट पर कोई रोशनी नहीं होती और ड्रेस पर चमकदार पहचान चिह्न भी नहीं होता जिससे सड़क पर आने वाले लोगों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है।
विज्ञापन
खिलाड़ियों की मजबूरी
कोच और स्केटिंग एसोसिएशन के अधिकारी हरप्रीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों को रोड रेस के लिए सड़क पर अभ्यास करने के लिए मजबूर होना पड़ता है क्योंकि उनके पास अभ्यास के लिए कोई रिंक नहीं है। इस बारे में कई बार प्रशासन और खेल विभाग को लिखित में सुझाव दिया गया। विभाग ने सारंगपुर के पास स्केटिंग ट्रैक बनाने की ड्राइंग तक बनवा ली थी लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में सड़क पर ही अभ्यास करना पड़ता है जिससे न केवल उनका प्रशिक्षण प्रभावित होता है बल्कि सुरक्षा का खतरा भी रहता है।
विज्ञापन