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सावधान, पीसीएल चौक के पास सड़क धंसी
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 23 Jan 2014 04:25 PM IST
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पीसीएल चौक पर फेज-3बी2 की साइड वाले स्लिप रोड पर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब अचानक सड़क धंसी। साथ ही वहां से गुजर रहा चावलों से भरा ट्रक गड्ढे में गिरने से बच गया।
हालांकि जमीन धंसने से दस टायरों वाले ट्रक के एक साइड के टायर धंसने वाली जगह में फंस गए थे। लेकिन ट्रक की गति तेज होने से हादसा टल गया। परंतु जमीन धंसने से एकदम धक्का लगा, जिससे ट्रक की कमानी टूट गई। इससे ट्रक वहीं रुक गया।
इसके बाद ट्रक का मालिक मौके पहुंच गया। साथ ही उन्होंने इस बारे में गमाडा के अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर गमाडा के एसडीओ पहुंचे उन्होंने स्लिप रोड को बंद करवाया।
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वहीं, ट्रक मालिक का कहना है कि उनका जो नुकसान हुआ है, उसका संबंधित विभाग को भुगतान करना पड़ेगा। क्योंकि वह रोड टैक्स अदा करते हैं।
ट्रक के ड्राइवर दशरथ ने बताया कि वह फेज-4 से 13 टन चावल लेकर फेज-9 स्थित एफसीआई के गोदाम जा रहे था। ट्रक में 280 चावलों की बोरियां भरी हुई थीं। जब वह स्लिप रोड से गुजर रहे थे।
इस दौरान उनके ट्रक को जबरदस्त धक्का लगा, लेकिन गति तेज होने से ट्रक आगे बढ़ गया। इसी बीच ट्रक की कमानी टूट गई। जैसे ही कमानी की टूटने की आवाज आई तो उन्होंने ट्रक रोक दिया और नीचे उतरे।
इस दौरान ट्रक के पीछे बहुत बड़ा गड्ढा पड़ गया था। अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसी बीच मौके पर पर ट्रक के मालिक जगतार सिंह सैनी पहुंच गए।
उन्होंने मौके पर गमाडा अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर एसडीओ सिविल नवीन कंबोज पहुंचे। उन्होंने स्थिति का सारा जायजा लिया।
उनका तर्क था कि इससे आगे एक जगह पानी की पाइप में कुछ समय खराबी आई थी। उसी वजह से जमीन कमजोर पड़ने से सड़क धंस गई है। इस दौरान स्लिप रोड़ को बंद कर दिया गया।
तो पूरा शहर डूब जाता अंधेरे में
जिस जगह सड़क धंसी हैं, यदि वहां पर ट्रक गिर जाता तो पूरे शहर ने अंधेरे में डूब जाना था। क्योंकि ठीक उसी जगह के नीचे अंडरग्राड हाईटेंशन बिजली की तारे जा रही थीं। जिससे जहां चालक की जान तो जानी ही थी, शहर को भी काफी नुकसान होना था।
इस मौके इलाके के लोग भी इकट्ठा हो गए। पुडा से रिटायर इंजीनियर एनएस कलसी ने बताया कि अगर गमाडा को यहां स्लिप रोड बनानी थी। तो दोनों तरफ दीवार बनाकर स्लैब डालने चाहिए थे। क्योंकि यहां से तारे व वाटर सप्लाई समेत कई सर्विसेज जा रही थी।
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हालांकि जमीन धंसने से दस टायरों वाले ट्रक के एक साइड के टायर धंसने वाली जगह में फंस गए थे। लेकिन ट्रक की गति तेज होने से हादसा टल गया। परंतु जमीन धंसने से एकदम धक्का लगा, जिससे ट्रक की कमानी टूट गई। इससे ट्रक वहीं रुक गया।
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इसके बाद ट्रक का मालिक मौके पहुंच गया। साथ ही उन्होंने इस बारे में गमाडा के अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर गमाडा के एसडीओ पहुंचे उन्होंने स्लिप रोड को बंद करवाया।
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वहीं, ट्रक मालिक का कहना है कि उनका जो नुकसान हुआ है, उसका संबंधित विभाग को भुगतान करना पड़ेगा। क्योंकि वह रोड टैक्स अदा करते हैं।
ट्रक के ड्राइवर दशरथ ने बताया कि वह फेज-4 से 13 टन चावल लेकर फेज-9 स्थित एफसीआई के गोदाम जा रहे था। ट्रक में 280 चावलों की बोरियां भरी हुई थीं। जब वह स्लिप रोड से गुजर रहे थे।
इस दौरान उनके ट्रक को जबरदस्त धक्का लगा, लेकिन गति तेज होने से ट्रक आगे बढ़ गया। इसी बीच ट्रक की कमानी टूट गई। जैसे ही कमानी की टूटने की आवाज आई तो उन्होंने ट्रक रोक दिया और नीचे उतरे।
इस दौरान ट्रक के पीछे बहुत बड़ा गड्ढा पड़ गया था। अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसी बीच मौके पर पर ट्रक के मालिक जगतार सिंह सैनी पहुंच गए।
उन्होंने मौके पर गमाडा अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर एसडीओ सिविल नवीन कंबोज पहुंचे। उन्होंने स्थिति का सारा जायजा लिया।
उनका तर्क था कि इससे आगे एक जगह पानी की पाइप में कुछ समय खराबी आई थी। उसी वजह से जमीन कमजोर पड़ने से सड़क धंस गई है। इस दौरान स्लिप रोड़ को बंद कर दिया गया।
तो पूरा शहर डूब जाता अंधेरे में
जिस जगह सड़क धंसी हैं, यदि वहां पर ट्रक गिर जाता तो पूरे शहर ने अंधेरे में डूब जाना था। क्योंकि ठीक उसी जगह के नीचे अंडरग्राड हाईटेंशन बिजली की तारे जा रही थीं। जिससे जहां चालक की जान तो जानी ही थी, शहर को भी काफी नुकसान होना था।
इस मौके इलाके के लोग भी इकट्ठा हो गए। पुडा से रिटायर इंजीनियर एनएस कलसी ने बताया कि अगर गमाडा को यहां स्लिप रोड बनानी थी। तो दोनों तरफ दीवार बनाकर स्लैब डालने चाहिए थे। क्योंकि यहां से तारे व वाटर सप्लाई समेत कई सर्विसेज जा रही थी।