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फरमानः रोड सेफ्टी अभियान बेअसर रहा तो डीसी होंगे जिम्मेदार, सरकार के सख्त निर्देश
Tue, 29 Jan 2019 10:39 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 29 Jan 2019 10:39 AM IST
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हरियाणा में रोड सेफ्टी अभियान को और असरदार बनाने के लिए इस बार सरकार पूरी तरह से गंभीर है। इसके लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। पहली बार ऐसा होगा, जब हरियाणा के 13 विभागों को रोड सेफ्टी कार्यक्रम से जोड़ते हुए प्रदेश भर में सात दिन तक विभिन्न गतिविधियां करवाई जाएंगी। हालांकि इसके लिए भारत सरकार के रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मंत्रालय ने संबंधित गाइडलाइन भेज दी है।
लेकिन हरियाणा में इन गतिविधियां को किस तरह से संचालित करना है और कैसे ज्यादा से ज्यादा विभागों को इसकी जिम्मेवारी से बांधा जाए, इसके लिए हरियाणा सरकार की रोड सेफ्टी के लिए गठित नोडल एजेंसी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर हरियाणा विभाग ने खाका खींच लिया है। ये गतिविधियां 4 से 10 फरवरी तक 13 सरकारी विभागों की मदद से चलाई जाएंगी। इन गतिविधियों के लिए पहली बार जिम्मेवारी जिलों के डीसी पर भी डाली गई है।
ये तमाम गतिविधियां प्रभावशाली ढंग से संपन्न हो इसकी निगरानी हरियाणा के सभी 22 जिलों के डीसी करेंगे और इसकी कंपाइल रिपोर्ट नोडल एजेंसी हरियाणा को भेजेंगे। जिलों में रोड सेफ्टी का यह कार्यक्रम बेअसर या अव्यवस्थित रहा तो इसके लिए डीसी जिम्मेवार होंगे। सभी डीसी को ये भी निर्देश दिया गया है कि वे इस जागरूकता कार्यक्रम से पहले जिलास्तरीय रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक लें।
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उसके बाद रोजाना गतिविधियों की रिपोर्ट लेकर एक कंपाइल रिपोर्ट नोडल एजेंसी को भेजें। इसके साथ संबंधित दस्तावेज, प्रेस कवरेज कटिंग, फोटोग्राफ, वीडियो सीडी इत्यादि शामिल होंगे। सभी जिलों को गतिविधियों से संबंधित ये कंपाइल रिपोर्ट 18 फरवरी तक भेजना सुनिश्चित करना होगा।
कौन विभाग क्या करेगा, इस बार यह भी तय
सात दिन के इस अभियान में पुलिस विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एक्साइज एंड टैक्सेशन, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड, यूएचबीवीएन-डीएचबीवीएन, स्वास्थ्य महकमा, नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर शामिल होंगे। खास बात यह कि नोडल एजेंसी ने इस बार यह भी तय किया है कि उक्त विभाग किस तारीख को अपने तत्वावधान में क्या-क्या और कहां-कहां कार्यक्रम आयोजित करेंगे और कैसे इसकी रिपोर्ट डीसी को सौंपेंगे। इन विभागों को 7 दिनों में करीब हर जिले में करीब 35 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करवाने हैं।
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लेकिन हरियाणा में इन गतिविधियां को किस तरह से संचालित करना है और कैसे ज्यादा से ज्यादा विभागों को इसकी जिम्मेवारी से बांधा जाए, इसके लिए हरियाणा सरकार की रोड सेफ्टी के लिए गठित नोडल एजेंसी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर हरियाणा विभाग ने खाका खींच लिया है। ये गतिविधियां 4 से 10 फरवरी तक 13 सरकारी विभागों की मदद से चलाई जाएंगी। इन गतिविधियों के लिए पहली बार जिम्मेवारी जिलों के डीसी पर भी डाली गई है।
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ये तमाम गतिविधियां प्रभावशाली ढंग से संपन्न हो इसकी निगरानी हरियाणा के सभी 22 जिलों के डीसी करेंगे और इसकी कंपाइल रिपोर्ट नोडल एजेंसी हरियाणा को भेजेंगे। जिलों में रोड सेफ्टी का यह कार्यक्रम बेअसर या अव्यवस्थित रहा तो इसके लिए डीसी जिम्मेवार होंगे। सभी डीसी को ये भी निर्देश दिया गया है कि वे इस जागरूकता कार्यक्रम से पहले जिलास्तरीय रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक लें।
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उसके बाद रोजाना गतिविधियों की रिपोर्ट लेकर एक कंपाइल रिपोर्ट नोडल एजेंसी को भेजें। इसके साथ संबंधित दस्तावेज, प्रेस कवरेज कटिंग, फोटोग्राफ, वीडियो सीडी इत्यादि शामिल होंगे। सभी जिलों को गतिविधियों से संबंधित ये कंपाइल रिपोर्ट 18 फरवरी तक भेजना सुनिश्चित करना होगा।
कौन विभाग क्या करेगा, इस बार यह भी तय
सात दिन के इस अभियान में पुलिस विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एक्साइज एंड टैक्सेशन, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड, यूएचबीवीएन-डीएचबीवीएन, स्वास्थ्य महकमा, नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर शामिल होंगे। खास बात यह कि नोडल एजेंसी ने इस बार यह भी तय किया है कि उक्त विभाग किस तारीख को अपने तत्वावधान में क्या-क्या और कहां-कहां कार्यक्रम आयोजित करेंगे और कैसे इसकी रिपोर्ट डीसी को सौंपेंगे। इन विभागों को 7 दिनों में करीब हर जिले में करीब 35 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करवाने हैं।