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Chandigarh News: सड़कों के काम में धांधली, महापौर ने सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए भेजे
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पंचकूला। शहर में चल रहे डिवाइडिंग सड़कों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें मानक के अनुसार सीमेंट और टाइलों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। इसका खुलासा वीरवार को महापौर कुलभूषण गोयल की जांच के बाद हुआ। उन्होंने पंचकूला में अलग अलग जगहों पर चल रहे कार्यों में प्रयोग होने वाली सामग्री का सैंपल एकत्रित कर लैब में जांच के लिए भेजा है। महापौर ने स्पष्ट किया है कि शहर के विकास में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, जो भी ठेकेदार घटिया सामग्री का प्रयोग करेगा उसपर पहले पेनाल्टी लगाई जाएगी और उसके बाद ब्लैकलिस्ट करने में भी गुरेज नहीं किया जाएगा।
महापौर कुलभूषण गोयल ने सबसे पहले सेक्टर-2 और 4 की डिवाइडिंग सड़क पर निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने देखा कि जीरकपुर की तरफ से काम अभी शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, सेक्टर 2-4 की तरह से काम चल रहा है, जिसमें काफी खामियां थीं। मौके पर संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया लेकिन नगर निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके चलते उनकी एक्सप्लेनेशन काल की गई है। मौके पर अधिशासी अभियंता, म्यूनिसिपल इंजीनियर नहीं थे। कुछ समय बाद जूनियर इंजीनियर मौके पर पहुंचा। महापौर ने देखा कि काम करते हुए आदेश दिए गए थे कि जो पुराना सामान निकलेगा, उसे दोबारा से प्रयोग में लाया जाए लेकिन उसका प्रयोग नहीं किया जा रहा था। बजरी क्रशर की जगह गोल बजरी प्रयोग की जा रही थी, इसलिए इस काम को रद्द कर दिया गया है। टाइल्स और फुटपाथ के भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। यह कार्य दीषिका कोआपरेटिव सोसायटी को अलाॅट किया गया है। अब हिदायत दी गई है कि जो पुरानी सामग्री निकल रही है, उसे स्टाक में लाकर उसका पुन: प्रयोग किया जाए।
सीमेंट का प्रयोग कम किया, महापौर भड़के
महापौर ने सेक्टर 14 और 15 पर डिवाइडिंग सड़क के काम का निरीक्षण किया। यहां भी घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा था। यह कार्य राखी शाहपुर कंपनी को दिया गया है। इस कार्य को भी रद्द कर दिया है। पीसीसी बहुत कम सीमेंट में प्रयोग की गई थी। महापौर ने जैसे ही खोदकर देखा, तो नीचे तक सीमेंट नहीं मिला। अब उसे पुन: बनाने के लिए कहा गया है। अब तक किए गए कार्य की जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं। यहां भी मौके पर संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे थे, उनकी भी एक्सप्लेनेशन काल की गई है।
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बिना आईएसआई टाइलों को हटाने के निर्देश
पंचकूला सेक्टर 14 और 12ए की डिवाइडिंग सडक़ जांच की गई, वहां पर पुराना सामग्री प्रयोग की जा रही थी लेकिन वहां पर कुछ टाइल्स बिना आईएसआई मार्क मिले, इसलिए बिना आईएसआई मार्क के लगे सभी टाइलों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कार्य के अंदर एम35 कंक्रीट टाइल्स का प्रयोग किया जाए। सीमेंट 1/3 का प्रयोग किया जाना आवश्यक है लेकिन इतना सीमेंट प्रयोग नहीं किया गया। इसके भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
सेक्टर 7 और 18 की तरफ फुटपाथ पर डिजाइनर ट्रैक बनाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन उस हिसाब से काम नहीं हो रहा था। गणेश को ऑपरेटिव सोसायटी के संबंधित ठेकेदार ने मौके पर बताया कि टेंडर में जो आइटम्स लगाने को कहा गया था, उनका ही प्रयोग किया जा रहा है और जो ड्राइंग अपलोड की गई थी, उसमें डिजाइन में काफी फर्क था। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि 100 मीटर का सैंपल तैयार किया जाए। यह सड़क एक पायलट योजना के तहत बनाई जा रही है ताकि आने वाले समय में शहर में अन्य स्थानों पर ऐसे डिजाइन बनाई जा सके।
टेंडर के अनुसार कार्य किया जाए
महापौर में सभी संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को आगाह करते हुए कहा कि टेंडर के अनुसार कार्य किया जाए और गुणवत्ता का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी कार्य सही ढंग से नहीं किया गए हैं उन्हें पुन: करवाया जाए। इनकी एक्सप्लेशन काल की महापौर ने एक्सइएन सुमित मलिक, एमई दिलीप यादव, मनोज अहलावत, राजेश चंदेल, जूनियर इंजीनियर नवदीप और रोहित सैनी के मौके पर नहीं आने के चलते एक्सप्लेशन काल की गई है। इन सभी को पहले से सूचित किया गया था कि महापौर दोपहर 12 बजे इन साइटों का निरीक्षण करेंगे।
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महापौर कुलभूषण गोयल ने सबसे पहले सेक्टर-2 और 4 की डिवाइडिंग सड़क पर निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने देखा कि जीरकपुर की तरफ से काम अभी शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, सेक्टर 2-4 की तरह से काम चल रहा है, जिसमें काफी खामियां थीं। मौके पर संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया लेकिन नगर निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके चलते उनकी एक्सप्लेनेशन काल की गई है। मौके पर अधिशासी अभियंता, म्यूनिसिपल इंजीनियर नहीं थे। कुछ समय बाद जूनियर इंजीनियर मौके पर पहुंचा। महापौर ने देखा कि काम करते हुए आदेश दिए गए थे कि जो पुराना सामान निकलेगा, उसे दोबारा से प्रयोग में लाया जाए लेकिन उसका प्रयोग नहीं किया जा रहा था। बजरी क्रशर की जगह गोल बजरी प्रयोग की जा रही थी, इसलिए इस काम को रद्द कर दिया गया है। टाइल्स और फुटपाथ के भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। यह कार्य दीषिका कोआपरेटिव सोसायटी को अलाॅट किया गया है। अब हिदायत दी गई है कि जो पुरानी सामग्री निकल रही है, उसे स्टाक में लाकर उसका पुन: प्रयोग किया जाए।
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सीमेंट का प्रयोग कम किया, महापौर भड़के
महापौर ने सेक्टर 14 और 15 पर डिवाइडिंग सड़क के काम का निरीक्षण किया। यहां भी घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा था। यह कार्य राखी शाहपुर कंपनी को दिया गया है। इस कार्य को भी रद्द कर दिया है। पीसीसी बहुत कम सीमेंट में प्रयोग की गई थी। महापौर ने जैसे ही खोदकर देखा, तो नीचे तक सीमेंट नहीं मिला। अब उसे पुन: बनाने के लिए कहा गया है। अब तक किए गए कार्य की जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं। यहां भी मौके पर संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे थे, उनकी भी एक्सप्लेनेशन काल की गई है।
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बिना आईएसआई टाइलों को हटाने के निर्देश
पंचकूला सेक्टर 14 और 12ए की डिवाइडिंग सडक़ जांच की गई, वहां पर पुराना सामग्री प्रयोग की जा रही थी लेकिन वहां पर कुछ टाइल्स बिना आईएसआई मार्क मिले, इसलिए बिना आईएसआई मार्क के लगे सभी टाइलों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कार्य के अंदर एम35 कंक्रीट टाइल्स का प्रयोग किया जाए। सीमेंट 1/3 का प्रयोग किया जाना आवश्यक है लेकिन इतना सीमेंट प्रयोग नहीं किया गया। इसके भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
सेक्टर 7 और 18 की तरफ फुटपाथ पर डिजाइनर ट्रैक बनाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन उस हिसाब से काम नहीं हो रहा था। गणेश को ऑपरेटिव सोसायटी के संबंधित ठेकेदार ने मौके पर बताया कि टेंडर में जो आइटम्स लगाने को कहा गया था, उनका ही प्रयोग किया जा रहा है और जो ड्राइंग अपलोड की गई थी, उसमें डिजाइन में काफी फर्क था। ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि 100 मीटर का सैंपल तैयार किया जाए। यह सड़क एक पायलट योजना के तहत बनाई जा रही है ताकि आने वाले समय में शहर में अन्य स्थानों पर ऐसे डिजाइन बनाई जा सके।
टेंडर के अनुसार कार्य किया जाए
महापौर में सभी संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को आगाह करते हुए कहा कि टेंडर के अनुसार कार्य किया जाए और गुणवत्ता का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो भी कार्य सही ढंग से नहीं किया गए हैं उन्हें पुन: करवाया जाए। इनकी एक्सप्लेशन काल की महापौर ने एक्सइएन सुमित मलिक, एमई दिलीप यादव, मनोज अहलावत, राजेश चंदेल, जूनियर इंजीनियर नवदीप और रोहित सैनी के मौके पर नहीं आने के चलते एक्सप्लेशन काल की गई है। इन सभी को पहले से सूचित किया गया था कि महापौर दोपहर 12 बजे इन साइटों का निरीक्षण करेंगे।