{"_id":"644018cc5bf6ae5c870a4203","slug":"rickshaw-puller-won-a-lottery-of-rs-2-5-crore-in-punjab-2023-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: रिक्शा चालक रातोंरात बना करोड़पति, 90 साल की उम्र में लगी ढाई करोड़ की लॉटरी, 500 रुपये ने बदली किस्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: रिक्शा चालक रातोंरात बना करोड़पति, 90 साल की उम्र में लगी ढाई करोड़ की लॉटरी, 500 रुपये ने बदली किस्मत
Wed, 19 Apr 2023 10:14 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 19 Apr 2023 10:14 PM IST
सार
गुरदेव सिंह ने कहा कि इस पैसे से वह अपने बच्चों के लिए एक अच्छा घर बनाएंगे और गरीब लोगों की सेवा करेंगे। समाज सेवा पहले की तरह जारी रहेगी।
विज्ञापन
रिक्शा चालक गुरदेव सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के मोगा जिले में एक रिक्शा चालक की किस्मत रातोंरात बदल गई। दरअसल, उसकी ढाई करोड़ रुपये की लॉटरी गई है। रिक्शा चालक गुरदेव सिंह मोगा के गांव लोहगढ़ का रहने वाला है। उसने बैसाखी बंपर लॉटरी की टिकट खरीदी थी। अब इसी टिकट ने उसकी किस्मत बदल दी।
विज्ञापन
गुरदेव सिंह की उम्र 90 साल की है। वह रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करते हैं। उन्होंने 500 रुपये में बैसाखी बंपर लॉटरी की टिकट खरीदी थी। गुरदेव सिंह पहले भी लॉटरी के टिकट खरीदते थे लेकिन उन्हें क्या पता कि अबकी बार किस्मत बदलने वाली है और रातोंरात करोड़पति बन जाउंगा।
विज्ञापन
एजेंट ने जब उनके घर पहुंचकर बताया कि उनकी ढाई करोड़ रुपये की लॉटरी लगी है तो गुरदेव की खुशी का ठिकाना न रहा। गुरदेव सिंह ने कहा पिछले 40 सालों से सड़क पर बने गड्ढों में मिट्टी भरता था ताकि कोई हादसा न हो। सड़क किनारे लगे पौधों को पानी भी देता था। पिछले 40 साल से जो सेवा की... आज उसी का फल मिला है।
विज्ञापन
गुरदेव सिंह ने बताया कि उनके चार बेटे और एक बेटी है। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। परमात्मा ने मेरी बात सुन ली और उनके कृपा से आज ढाई करोड़ रुपये की लॉटरी जीती है। गुरदेव सिंह ने कहा कि इस पैसे से वह अपने बच्चों के लिए एक अच्छा घर बनाएंगे और गरीब लोगों की सेवा करेंगे। समाज सेवा पहले की तरह जारी रहेगी। गुरदेव सिंह के परिवार के लोगों का कहना अभी पूरा परिवार एक साथ रहता है। पिता गुरदेव सिंह जैसा सोचेंगे... पूरा परिवार उनके साथ हैं।