लंबी में तहसीलदार को बंधक बनाने का मामला: अमृतसर व पठानकोट में घटना का विरोध, राजस्व अधिकारियों ने शुरू की हड़ताल
लंबी की घटना के विरोध में पठानकोट में राजस्व विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इस कारण मंगलवार को तहसील कार्यालय में किसी प्रकार का कोई काम नहीं हुआ।
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मुक्तसर जिले की लंबी में तहसीलदार व उनके स्टाफ को बंदी बनाने की घटना का विरोध अब अन्य जिलों में होने लगा है। मंगलवार को तहसीलदारों ने अमृतसर तहसील में काम ठप कर दिया गया। माल आफिसर एसोसिएशन के सीनियर उप प्रधान परमप्रीत सिंह गौराया के नेतृत्व में मंगलवार को लगभग छह तहसीलदारों ने हड़ताल कर किसान यूनियन की इस हरकत के खिलाफ विरोध जताया। परमप्रीत सिंह गौराया ने कहा कि नायब तहसीलदार और उनके स्टाफ को बंदी बनाने और सरकारी काम में रुकावट डालने की व निंदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि किसान यूनियन उगराहां के नेताओं ने नायब तहसीलदार पर नरमे की खराब फसल की लिस्ट बनाते समय उन्होंने कुछ लोगों का नाम भी शामिल करने का दबाव बनाया, जिनका कोई नुकसान नहीं हुआ था। गौराया ने कहा कि लेकिन नायब तहसीलदार अरजिंदर सिंह ने पारदर्शी तरीके से काम करते हुए ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद किसानों ने नायब तहसीलदार और उनके स्टाफ को दफ्तर में बंदी बना दिया। उन्होंने कहा कि माल अधिकारियों के प्रति ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक दर्ज केस में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
पठानकोट जिले में भी कर्मचारी हड़ताल पर
लंबी की घटना के विरोध में पठानकोट में राजस्व विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इस कारण मंगलवार को तहसील कार्यालय में किसी प्रकार का कोई काम नहीं हुआ। रजिस्ट्री करवाने के लिए लोग तो पहुंचे लेकिन तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने से किसी भी प्रकार का कोई काम नहीं हुआ। इससे जहां सरकार को लाखों रुपये का आर्थिक तौर पर नुकसान हुआ, वहीं लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पठानकोट तहसील में रोजाना औसतन 35 से 40 रजिस्ट्री होती हैं। इससे सरकार के खजाने में औसतन 10 से 12 लाख रुपये आते हैं। अगर हड़ताल लंबी चली तो लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होती, जारी रहेगी हड़ताल: राजेश गुप्ता
द रेवेन्यू कानूनगो एसोसिएशन के प्रदेश कैशियर कानूनगो राजेश गुप्ता ने कहा कि सुंडी से कोई फसल खराब ही नहीं हुई। इस कारण पटवारी व गिरदावर झूठी रिपोर्ट बनाने से इंकार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी कर्मचारियों की कोई सुरक्षा ही नहीं होगी तो वह काम कैसे कर पाएंगे। लिहाजा, जब तक सरकार उक्त किसानों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करती तब तक वह किसी भी कीमत पर अपनी हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।
यह है मामला
सोमवार को लंबी में किसान संगठन एकता उगराहां के बैनर तले सुंडी के कारण खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाना चाहते थे। इस पर राजस्व विभाग का तर्क था कि सुंडी के कारण कोई फसल खराब नहीं हुई है। नाराज किसानों ने नायब तहसीलदार व बाकी सारे स्टाफ को बंदी बना लिया। मामला बढ़ते देख राजस्व विभाग के कर्मी भी वहां पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने मामला शांत करवाया।