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सराहनीय: दिव्यांग खिलाड़ियों के खेलने को नहीं था मैदान, रिटायर्ड कर्नल ने मुहैया कराई जगह

Mon, 27 Sep 2021 12:41 PM IST
Trainee Trainee संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Mon, 27 Sep 2021 12:41 PM IST
सार

इन होनहारों को खेलने के लिए मोहाली फेज-6 स्थित दारा स्टूडियो के पास मेजर एचपीएस आहलुवालिया स्पोट्र्स कांप्लेक्स जाना पड़ता था। शानदार प्रदर्शन के बावजूद अधिकारियों ने शहर के दिव्यांग खिलाड़ियों की कोई सुध नहीं ली। इन होनहारों ने पिछले वर्षों में मेडल भी जीते । कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ की व्हीलचेयर क्रिकेट टीम बनी है।
 

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Retired colonel in Chandigarh provides space for divyangs to play
चंडीगढ़ में खेलते दिव्यांग खिलाड़ी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की बेरुखी के बावजूद व्हीलचेयर पर खेलने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों के हौसले बुलंद हैं। कारण हैं उनके पीछे खड़े कर्नल गुरकीरत सिंह (सेवानिवृत्त)। इन खिलाड़ियों के लिए कर्नल गुरकीरत सिंह ने अपने दम पर मैदान की व्यवस्था करवाई है। खिलाड़ी बस में सवार होकर रोजाना सेक्टर-21 स्थित चेशायर होम से मोहाली फेज-6 स्थित दारा स्टूडियो के पास मेजर एचपीएस आहलुवालिया स्पोट्र्स कांप्लेक्स जाकर अभ्यास करते थे।

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टोक्यो पैरा ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद अधिकारियों ने शहर के दिव्यांग खिलाड़ियों की कोई सुध नहीं ली। पिछले वर्षों में मेडल लाकर शहर का नाम रोशन करने वाली व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के खेलने के लिए शहर में कोई मैदान नहीं है। कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ की व्हीलचेयर क्रिकेट टीम बनी है। खिलाड़ियों की तकलीफ को देखते हुए कर्नल गुरकीरत सिंह (सेवानिवृत्त) ने अपने स्पोट्र्स क्लब के एक हिस्से को इन खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए तैयार किया। खिलाड़ी बास्केटबॉल एरिया में मैट लगाकर अभ्यास करते हैं। साथ ही जिम में भी पसीना बहाते हैं।

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राष्ट्रीय टीम में खेल चुके हैं छह खिलाड़ी

चेशायर होम में कुल 15 खिलाड़ी रहते हैं। इनमें से छह खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में खेल चुके हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों को अपने ही शहर में अभ्यास के लिए जगह नहीं मिल रही थी। खिलाड़ियों ने बताया कि पार्क में अभ्यास करने पर वरिष्ठ नागरिक मना कर देते हैं। एक बार इंजीनियरिंग कॉलेज और सेक्टर-16 में व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ था। इस दौरान आए अधिकारियों से भी गुहार लगाई थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

 

पहले हम पंजाब क्रिकेट टीम की ओर से खेलते थे। अब चंडीगढ़ की पहली व्हीलचेयर क्रिकेट टीम गठित हो गई है। चंडीगढ़ की टीम के गठन के बाद भी अभ्यास के लिए जगह ही नहीं थी। कर्नल गुरकीरत सिंह (सेवानिवृत्त) का धन्यवाद, जिन्होंने हमारी समस्या देखकर मैदान उपलब्ध कराया।
-सुनील कुमार, कप्तान, चंडीगढ़ व्हीलचेयर क्रिकेट टीम

 

मेरे सामने अब तक कोई इस तरह की मांग नहीं आई है। खिलाड़ियों की ओर से अगर कोई पत्र मिलेगा या किसी सहायता की मांग की जाएगी, तो तत्काल इसकी व्यवस्था की जाएगी। क्योंकि ये खिलाड़ी हमारे शहर की शान हैं।
-तेजदीप सिंह सैनी, निदेशक, यूटी खेल विभाग

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