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Chandigarh News: अंतिम वर्ष के मुकाबले 8.33 प्रतिशत लुढ़का सरकारी स्कूलों का परिणाम
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा का पासिंग रेट पिछले सत्र से 8.33 प्रतिशत कम रहा है। इनमें कई स्कूल ऐसे भी हैं जिनका पासिंग रेट 60 प्रतिशत से भी कम है। सरकारी स्कूलों से कुल 14749 विद्यार्थियों ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा दी थी। इनमें से 1105 विद्यार्थी पास नहीं हो पाए और 1527 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। जहां शहर के बीच के सेक्टरों का पासिंग रेट 90 प्रतिशत के करीब रहा वहीं अधिकतर पेरीफेरी के स्कूलों के परिणाम 60 प्रतिशत के करीब है। बता दें इनमें कुछ स्कूल ऐसे भी हैं जहां केवल 60 प्रतिशत विद्यार्थी पास हो पाए हैं। पेरीफेरी के स्कूलों में आधारभूत संरचना के साथ शिक्षकों की भी कमी
पेरीफेरी के स्कूलों में शिक्षकों और आधारभूत संरचना की कमी उनके 12वीं के परिणाम में साफ नजर आ रही है। कुल 43 में से 11 स्कूलों का पासिंग रेट 70 प्रतिशत से कम रहा, जिसमें एक स्कूल के 50 प्रतिशत बच्चे ही परीक्षा पास कर पाए। इन 11 स्कूलों में से 7 स्कूल पेरीफेरी क्षेत्र के हैं। बहुत से अध्यापक एक इन स्कूलों में अपना तबादला करना पसंद नहीं करते। बच्चों की अधिक संख्या और अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्वक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। पेरीफेरी स्कूल की एक प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके स्कूल में पढ़ रहे कई बच्चे पढ़ाई के साथ आजीविका भी कमाते हैं। ऐसे में वह अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर नहीं दे पाते और मानव संसाधनों की कमी में उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाना कठिन हो जाता है।
स्कूलों से मांगी रिपोर्ट
स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने बताया परिणाम बेहतर न आने पर स्कूलों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें बच्चों समेत, अध्यापकों के प्रदर्शन का आकलन भी किया जाएगा। जिन चीजों में कमी रही है गठित समिति उन मुद्दों पर काम कर सत्र 2023-24 के लिए योजना तैयार करेगी।
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सरकारी स्कूलों के 12वीं के परिणाम
परीक्षा देने वाले कुल विद्यार्थी - 14749
परीक्षा में पास हुए विद्यार्थी - 12117
परीक्षा में फेल हुए विद्यार्थी - 1105
परीक्षा में कंपार्टमेंट विद्यार्थी - 1527
कोट
छुट्टियों में लगेंगी कंपार्टमेंट आए बच्चों की कक्षाएं
अधिकतर बच्चों की कंपार्टमेंट आई है। विद्यार्थी कुछ विषय में बेहतर अंक नहीं ला पाए। अभी हमारी कोशिश रहेगी कि इन बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों में कक्षाएं लगाकर उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया जाए। जिन स्कूलों का परिणाम खराब रहा है उनके कारणों का पता कर नए सत्र में उन पर काम किया जाएगा। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
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पेरीफेरी के स्कूलों में शिक्षकों और आधारभूत संरचना की कमी उनके 12वीं के परिणाम में साफ नजर आ रही है। कुल 43 में से 11 स्कूलों का पासिंग रेट 70 प्रतिशत से कम रहा, जिसमें एक स्कूल के 50 प्रतिशत बच्चे ही परीक्षा पास कर पाए। इन 11 स्कूलों में से 7 स्कूल पेरीफेरी क्षेत्र के हैं। बहुत से अध्यापक एक इन स्कूलों में अपना तबादला करना पसंद नहीं करते। बच्चों की अधिक संख्या और अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्वक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। पेरीफेरी स्कूल की एक प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके स्कूल में पढ़ रहे कई बच्चे पढ़ाई के साथ आजीविका भी कमाते हैं। ऐसे में वह अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर नहीं दे पाते और मानव संसाधनों की कमी में उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाना कठिन हो जाता है।
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स्कूलों से मांगी रिपोर्ट
स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने बताया परिणाम बेहतर न आने पर स्कूलों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें बच्चों समेत, अध्यापकों के प्रदर्शन का आकलन भी किया जाएगा। जिन चीजों में कमी रही है गठित समिति उन मुद्दों पर काम कर सत्र 2023-24 के लिए योजना तैयार करेगी।
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सरकारी स्कूलों के 12वीं के परिणाम
परीक्षा देने वाले कुल विद्यार्थी - 14749
परीक्षा में पास हुए विद्यार्थी - 12117
परीक्षा में फेल हुए विद्यार्थी - 1105
परीक्षा में कंपार्टमेंट विद्यार्थी - 1527
कोट
छुट्टियों में लगेंगी कंपार्टमेंट आए बच्चों की कक्षाएं
अधिकतर बच्चों की कंपार्टमेंट आई है। विद्यार्थी कुछ विषय में बेहतर अंक नहीं ला पाए। अभी हमारी कोशिश रहेगी कि इन बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों में कक्षाएं लगाकर उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया जाए। जिन स्कूलों का परिणाम खराब रहा है उनके कारणों का पता कर नए सत्र में उन पर काम किया जाएगा। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक