Punjab: एसजीपीसी की बैठक में सीएम मान के खिलाफ प्रस्ताव पारित, तुरंत इस्तीफे की मांग, जानें क्या है पूरा मामला
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरुवार को जनरल हाउस की विशेष बैठक में पंजाब के सीएम भगवंत मान के खिलाफ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। प्रस्ताव में कहा गया कि सीएम भगवंत मान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जरनल हाउस की विशेष बैठक के दौरान गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब में पुलिस द्वारा जूते पहनकर घुसने, फायरिंग करने, आंसू गैस के गोले दांगने और मर्यादा का उल्लंघन करने के मामले में एक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 295ए के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई। साथ ही मुख्यमंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग उठाई। कहा कि जांच के दौरान मुख्यमंत्री धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन के दोषी मिले हैं।
एसजीपीसी के कार्यालय स्थित तेजा सिंह समुंदरी हॉल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में विभिन्न सदस्यों ने सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब पर पुलिस हमले की कड़ी निंदा की। घटना में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश पर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए इस रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई अमल में लाने को कहा गया। वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान राज्य के गृह मंत्री होने के नाते सीधे तौर पर धार्मिक मर्यादा उल्लंघन के दोषी हैं। उन पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ संगत की अदालत में भी सभी स्तरों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने एक प्रस्ताव पेश किया। इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। प्रस्ताव में कहा गया कि गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब पर पुलिस फायरिंग और नियमों के उल्लंघन के मुख्य दोषी मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री भगवंत मान को तुरंत अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए।
मुख्यमंत्री समेत गुरुद्वारा घटना के हर आरोपी के खिलाफ धारा 295ए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसजीपीसी का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल से भी मिलेगा। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो एसजीपीसी कानूनी कार्रवाई करेगी और आरोपियों को सजा दिलाएगी।
अन्य प्रस्ताव में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और सदस्यों की एक बड़ी सभा बुलाकर पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ अगली रणनीति बनाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बेअदबी की घटनाओं के आरोपी और दुष्कर्म व हत्या के मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को समर्थन करने और पंजाब में उसका डेरा शुरू करवाने की कोशिशों की निंदा की गई। वहीं डेरामुखी की मदद हर तरह से बंद करने की मांग की गई।
बेअदबी मामलों में बख्शा नहीं जाना चाहिए
एडवोकेट धामी ने कहा कि किसी भी बेअदबी मामले में दोषियों के खिलाफ एसजीपीसी की बहुत स्पष्ट नीति है। जब कुछ शरारती लोग सुल्तानपुर लोधी की घटना को बरगाड़ी की घटना के साथ जोड़कर अनावश्यक सवाल उठा रहे हैं। बरगाड़ी मामले में भी एसजीपीसी की 2021 की आम बैठक के दौरान निंदा प्रस्ताव पारित कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि किसी को भी बेअदबी मामलों में बख्शा नहीं जाना चाहिए।