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बीमारियों के फैलने के पहले ही सावधान हो सकेंगे लोग

Mon, 28 Dec 2015 03:03 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 28 Dec 2015 03:03 PM IST
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research & disease control lab in chandigarh

डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू कब-कब फैलेंगे? इसका पता अब पहले ही चल जाएगा, ताकि लोग इन गंभीर बीमारियों से अपना बचाव कर सकें। अभी तक इस तरह के अलर्ट और मौसम विभाग की तरह पहले से आगाह करने जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब यह सब चंडीगढ़ में संभव हो सकेगा।

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नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) के स्थानीय दफ्तर में सेंटर फार रिसर्च एंड डिजीज कंट्रोल लैब (सीसीआरडीसी) स्थापित हो गई है। लैब में एनवीबीडीसीपी व चंडीगढ़ मौसम विभाग मिलकर काम करेंगे।
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लैब यह बताने में सक्षम रहेगी कि तापमान में आ रहे बदलाव से चंडीगढ़ में कौन से बीमारी फैलने की आशंका है। इससे चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग व अन्य टीमें पहले से ही जरूरी कदम उठाने की कोशिश करेंगी, जिससे बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकेगा।
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क्या काम होगा लैब में

एंटी मलेरिया आफिसर डा. गौरव अग्रवाल के मुताबिक मलेरिया, डेंगू और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियां बारिश, तापमान और नमी पर काफी निर्भर रहती हैं। इन बीमारियों के फैलने से पहले इनके लक्षण दिखने लगते हैं। यदि उसी दौरान उस पर ध्यान दिया जाए तो बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

मौसम विभाग का स्थानीय केंद्र लैब को आंकड़े उपलब्ध कराएगा और लैब उन आंकड़ों को बीमारियों के आंकड़ों के साथ एनालिसिस करेगी। इसके अलावा लैब बीमारियों की मैपिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसमिशन पर भी नजर रखेगी।

इसलिए लैब की अहमियत है
साल 2010 से लेकर 2015 तक के पांच साल मौसम के आंकड़ों को देखने के बाद चौंकाने वाले परिणाम आए हैं। पांच साल में अधिकतम तापमान में चार डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी जुलाई से लेकर दिसंबर तक हुई है। लगातार बढ़ रहे तापमान से वेक्टर बोर्न डिजीज में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।


लोगों को यह होगा फायदा

इस साल डेंगू का सबसे ज्यादा केस रहे। 900 से ज्यादा केस रिपोर्ट किए गए हैं। चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार है कि डेंगू के इतने ज्यादा केस आए हों। हर मरीज को डेंगू पर इलाज के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन अब लैब पहले से ही बता देगी कि आने वाले सीजन में मच्छर जनित बीमारियां व स्वाइन फ्लू का कितना फैलाव रहने वाला है।

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