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पेट में कीड़े मारने वाली दवा से कैंसर को मात देने वाला रिसर्च दुनिया में छाया, टॉप 100 में शामिल
Sat, 19 Sep 2020 12:43 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 12:43 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पशुओं के पेट में कीड़े मारने वाली दवा फेनबंडाजोल से कैंसर के इलाज पर किया गया रिसर्च दुनियाभर में छा गया है। कैंसर पर दुनियाभर में हुए टॉप-100 रिसर्च में इस रिसर्च को जगह मिली है। पीयू ने इस सफलता पर टीम को बधाई दी है।
पीयू के सिस्टम बायोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार व इसी विभाग की सीनियर रिसर्च एसोसिएट ने ह्यूमन जीनोम के पूर्व प्रोफेसर तापस मुखोपाध्याय के निर्देशन में रिसर्च किया था। इस रिसर्च में टीम ने पशुओं के पेट में कीड़े मारने वाली दवा से चूहों में हुए कैंसर को कम किया गया। कुछ चूहों में ट्यूमर ठीक भी हुए थे।
लगभग सात साल तक रिसर्च चला था। यह रिसर्च प्रसिद्ध जर्नल नेचर में प्रकाशित हुआ था। अब कैंसर पर हुए रिसर्च की ग्रेडिंग हुई तो टॉप- 100 में यह रिसर्च पेपर शामिल हुआ। हालांकि इस रिसर्च पर ह्यूूमन स्टडी होना बाकी है। इस रिसर्च पर ह्यूूमन स्टडी होती है तो कैंसर की सबसे सस्ती दवा यह साबित होगी, क्योंकि फेनबंडाजोल की दस टेबलेट पांच से दस रुपये की आती हैं।
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पीयू के सिस्टम बायोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार व इसी विभाग की सीनियर रिसर्च एसोसिएट ने ह्यूमन जीनोम के पूर्व प्रोफेसर तापस मुखोपाध्याय के निर्देशन में रिसर्च किया था। इस रिसर्च में टीम ने पशुओं के पेट में कीड़े मारने वाली दवा से चूहों में हुए कैंसर को कम किया गया। कुछ चूहों में ट्यूमर ठीक भी हुए थे।
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लगभग सात साल तक रिसर्च चला था। यह रिसर्च प्रसिद्ध जर्नल नेचर में प्रकाशित हुआ था। अब कैंसर पर हुए रिसर्च की ग्रेडिंग हुई तो टॉप- 100 में यह रिसर्च पेपर शामिल हुआ। हालांकि इस रिसर्च पर ह्यूूमन स्टडी होना बाकी है। इस रिसर्च पर ह्यूूमन स्टडी होती है तो कैंसर की सबसे सस्ती दवा यह साबित होगी, क्योंकि फेनबंडाजोल की दस टेबलेट पांच से दस रुपये की आती हैं।
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