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Chandigarh News: सुप्रीम फैसले के बाद राहत... सेक्टर-39 मंडी में एससीओ के दोबारा किए जा सकेंगे ऑक्शन
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चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले के बाद सेक्टर-39 मंडी में एससीओ के ऑक्शन दोबारा किए जा सकेंगे। इसके साथ ही सेक्टर-26 के उन आढ़तियों को मंडी कांप्लेक्स में बनने वाले 290 ऑफिस किराए पर मिल सकेंगे, जो नीलामी में एससीओ नहीं खरीद पाएंगे। अब तक सेक्टर-39 मंडी में सिर्फ 12 एससीओ की नीलामी हो सकी है। 80 एससीओ की नीलामी बाकी है। इन ऑक्शन को लेकर ही सब्जी मंडी आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा याचिका लगाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
इस फैसले से चंडीगढ़ प्रशासन और मार्केट कमेटी को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मंडी के विकास और आवंटन की प्रक्रिया में किसी तरह की कानूनी बाधा नहीं है। इससे तय नियमों के अनुसार ही ऑक्शन किया जा सकता है। इस फैसले के बाद सेक्टर-39 सब्जी मंडी में दुकानों और साइट्स का ऑक्शन पहले की तरह जारी रहेगा। पहली ऑक्शन प्रक्रिया में जो बोलीदाता सफल रहेगा उसे नियमानुसार अलॉटमेंट दिया जाएगा।
आढ़तियों को मिलेगा आफिस
फैसले का एक अहम पहलू है कि मार्केट कमेटी के सभी लाइसेंसी आढ़तियों को सेक्टर-39 सब्जी मंडी परिसर में ऑफिस की सुविधा दी जाएगी। इससे आढ़तियों को कारोबार संचालन में सुविधा मिलेगी और मंडी में व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। प्रशासन का कहना है कि सेक्टर-39 मंडी को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है जिससे व्यापारियों के साथ किसानों और ग्राहकों को भी लाभ मिल सके।
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लंबे समय से चल रहा था विवाद
सेक्टर-39 सब्जी मंडी के ऑक्शन और अलॉटमेंट को लेकर सब्जीमंडी आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। एसोसिएशन की मांग थी कि ऑक्शन प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और आढ़तियों के हितों को सुरक्षित किया जाए। इस मामले में सब्जी मंडी आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजमोहन ने कहा कि आढ़तियों को राहत मिल सकेगी। हालांकि मंडी से जुड़े कुछ व्यापारियों ने भविष्य में अपनी रणनीति पर विचार करने की बात कही।
यह है डाटा
लीज की अवधि 99 वर्ष
कुल एससीओ 130
पहले फेज में ऑक्शन-92 (23-23 की लाट में)
हरेक दुकान का एरिया 120 स्क्वायर यार्ड
हरेक यूनिट का रिजर्व प्राइज पांच करोड़
मंडी कांप्लेक्स में आफिस-290
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इस फैसले से चंडीगढ़ प्रशासन और मार्केट कमेटी को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मंडी के विकास और आवंटन की प्रक्रिया में किसी तरह की कानूनी बाधा नहीं है। इससे तय नियमों के अनुसार ही ऑक्शन किया जा सकता है। इस फैसले के बाद सेक्टर-39 सब्जी मंडी में दुकानों और साइट्स का ऑक्शन पहले की तरह जारी रहेगा। पहली ऑक्शन प्रक्रिया में जो बोलीदाता सफल रहेगा उसे नियमानुसार अलॉटमेंट दिया जाएगा।
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आढ़तियों को मिलेगा आफिस
फैसले का एक अहम पहलू है कि मार्केट कमेटी के सभी लाइसेंसी आढ़तियों को सेक्टर-39 सब्जी मंडी परिसर में ऑफिस की सुविधा दी जाएगी। इससे आढ़तियों को कारोबार संचालन में सुविधा मिलेगी और मंडी में व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। प्रशासन का कहना है कि सेक्टर-39 मंडी को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है जिससे व्यापारियों के साथ किसानों और ग्राहकों को भी लाभ मिल सके।
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लंबे समय से चल रहा था विवाद
सेक्टर-39 सब्जी मंडी के ऑक्शन और अलॉटमेंट को लेकर सब्जीमंडी आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। एसोसिएशन की मांग थी कि ऑक्शन प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और आढ़तियों के हितों को सुरक्षित किया जाए। इस मामले में सब्जी मंडी आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजमोहन ने कहा कि आढ़तियों को राहत मिल सकेगी। हालांकि मंडी से जुड़े कुछ व्यापारियों ने भविष्य में अपनी रणनीति पर विचार करने की बात कही।
यह है डाटा
लीज की अवधि 99 वर्ष
कुल एससीओ 130
पहले फेज में ऑक्शन-92 (23-23 की लाट में)
हरेक दुकान का एरिया 120 स्क्वायर यार्ड
हरेक यूनिट का रिजर्व प्राइज पांच करोड़
मंडी कांप्लेक्स में आफिस-290