पंजाब में आतंक का नया 'दोस्त', फायदा हो रहा पाकिस्तान को
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क्या आप जानते हैं कि आतंकियों और स्मगलरों का आपस में रिश्ता है? सरहदी क्षेत्र में रहने वाले तस्कर आतंकियों के लिए पंजाब में स्लीपर सेल का कार्य कर रहे हैं।
पंजाब से सटे भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बार्डर से तस्कर हथियारों की तस्करी कर आतंकियों तक पहुंचाते हैं, यही नहीं नशीले पदार्थों (हेरोइन) से आने वाला पैसा भी आतंकियों की मदद के लिए खर्च किया जाता है।
हाल ही में बीएसएफ ने बार्डर से भारी मात्रा में हथियार पकड़े हैं। कुछ दिन पहले ही अबोहर सेक्टर में तैनात बीएसएफ का जवान हरप्रताप सिंह सौ किलो हेरोइन के साथ दो पिस्तौलें पाकिस्तान से तस्करी कर पंजाब (भारत) में ला चुका है, जो इस समय जेल में बंद हैं। इसके सीधे पाकिस्तानी और भारतीय तस्करों के साथ संबंध थे।
नशे के साथ-साथ हथियार भी साथ लाते हैं तस्कर
खुफिया सूत्रों के अनुसार पंजाब में आतंकियों की मदद तस्करों द्वारा ही की जा रही है। कुछ महीनों से सरहद पर हेरोइन और हथियारों की तस्करी बढ़ी है। कुछ दिनों पहले फिरोजपुर की पंजाब पुलिस भी भारी मात्रा में अवैध हथियार पकड़ चुकी है।
पंजाब में सन् 1984 में आतंकवाद के दौरान पाकिस्तान से एके-47 और अन्य घातक हथियार सरहद क्रास कर भारत में आते थे। लेकिन अब तस्कर सरहद से हथियारों की तस्करी कर आतंकवादियों तक पहुंचा रहे हैं।
आज से चार साल पहले ममदोट क्षेत्र में रहने वाले आतंकवादी बलबीर सिंह भूतना को पुलिस ने लुधियाना रेलवे स्टेशन पर मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था, उसके पास से विदेशी पिस्तौल मिली थी।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक आज भी पंजाब में कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं, जो पाकिस्तान में बैठे अपने मुखिया के इशारे पर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के बहुत से एजेंटों की पंजाब में गतिविधियां हैं, जिनमें से कई पकड़े भी जा चुके हैं।