फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Rejecting petitions challenging excise policy of 2024-25 of Punjab government, High Court gave its approval

Highcourt: पंजाब की आबकारी नीति पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर, चुनौती देने वाली याचिका की खारिज

Sat, 20 Apr 2024 10:12 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 20 Apr 2024 10:12 AM IST
सार

पंजाब सरकार ने 2024-25 के लिए शराब ठेके ड्रॉ से अलॉट करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आवेदन शुल्क 3500 रुपये से बढ़ाकर 75000 रुपये कर दिया गया था। अलॉटमेंट न होने पर राशि वापस नहीं करने का भी प्रावधान रखा गया था। इसी के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी।

विज्ञापन
Rejecting petitions challenging excise policy of 2024-25 of Punjab government, High Court gave its approval
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब सरकार की 2024-25 की आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर अपनी मुहर लगा दी। हाईकोर्ट ने कहा कि शराब का व्यापार मौलिक अधिकार नहीं है। सरकार ने नीति नियमों के अनुसार बनाई है और नीतिगत मामलों में अनावश्यक दखल सही नहीं है।
विज्ञापन


मोगा की मेसर्स दर्शन सिंह एंड कंपनी ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने 2024-25 के लिए शराब ठेके ड्रॉ के माध्यम से अलॉट करने का निर्णय लिया है। कुछ साल पहले तक आवेदन शुल्क मात्र 3500 रुपये था, लेकिन इसे अचानक बढ़ाकर 75000 रुपये कर दिया गया है। आवेदन शुल्क को लेकर नियम तय किया गया है कि यदि अलॉटमेंट नहीं होती है तो यह राशि वापस नहीं होगी।
विज्ञापन


याची ने बताया कि सरकार के पास अब तक करीब 35000 आवेदन आए हैं, जिससे सरकार ने 260 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। सरकार की नीति के कारण जिनका ड्रॉ में नाम नहीं आएगा उनके आवेदन की फीस के 75000 हजार रुपये डूब जाएंगे। याचिकाकर्ता ने कहा कि आवेदन फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी न सिर्फ गलत है बल्कि न्याय के सिद्धांत के खिलाफ भी है। हाईकोर्ट से अपील की गई है कि सरकार की इस नीति को रद्द किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक कोई अवैध कृत्य या दुर्भावना न दिखाई दे, अदालत को राज्य की नीति से जुड़े मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed