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Hindi News ›   Chandigarh ›   Refined oil rates suddenly increased in India after Russia-Ukraine war

रूस-यूक्रेन युद्ध: पंजाब में अचानक बढ़े रिफाइंड ऑयल के दाम, लोग बोले- माल दूसरे देशों से आता है, बढ़ोतरी गलत

Wed, 02 Mar 2022 01:33 PM IST
ajay kumar विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 02 Mar 2022 01:33 PM IST
सार

पिछले कुछ दिन में 150 से 200 रुपये प्रति टीन दाम में इजाफा हुआ है। अगर जंग जारी रही तो दाम और बढ़ने के आसार हैं। अगर जंग खत्म हो जाती है तो रेट कम भी हो सकते हैं। इस समय एक टीन का रेट 2450 रुपये से लेकर 2550 तक पहुंच गया है, जो पहले 2300 रुपये का था।

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Refined oil rates suddenly increased in India after Russia-Ukraine war
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध का असर जहां दुनिया पर पड़ रहा है, वहीं इसका असर सीधे तौर पर भारत में भी पड़ने लगा है। दोनों देशों से आयात होने वाली वस्तुओं के रेट लगातार बढ़ने लगे हैं। आम लोगों के रोजमर्रा की चीजों में सबसे अहम रिफाइंड ऑयल के रेट लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर पंजाब की बात करें तो लुधियाना की होलसेल मंडी कही जाने वाली केसरगंज में रिफाइंड ऑयल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 

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150 से लेकर 200 रुपये प्रति टीन दाम में इजाफा हुआ है। मिल वालों ने होलसेल में भी रेट बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब में पड़ेगा। लोगों का कहना है कि सरकार वोट के लिए सबकुछ करती है लेकिन जैसे ही चुनाव निकलते हैं तो चीजों के दामों में इजाफा होने लगता है। सरकार को इन दामों को वापस करवा कर लोगों को राहत देना चाहिए।
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शुगर वनस्पति एसोसिएशन के प्रधान जगजीत सिंह ने बताया कि रिफाइंड ऑयल के दाम में जो उछाल आया है, इसका कहीं न कहीं कारण रूस और यूक्रेन युद्ध है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन से सोयाबीन का तेल और सोयाबीन आता है। युद्ध के कारण माल आ नहीं रहा और मिल वालों को माल नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि दाम में इजाफा हुआ है। इसके बाद दुकानदारों को भी रेट बढ़ाना पड़ रहा है।

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थोक व्यापारी मिल से आने वाले माल के बाद ही रेट तय करते हैं। पिछले कुछ दिन में 150 से 200 रुपये प्रति टीन दाम में इजाफा हुआ है। अगर जंग जारी रही तो दाम और बढ़ने के आसार हैं। अगर जंग खत्म हो जाती है तो रेट कम भी हो सकते हैं। इस समय एक टीन का रेट 2450 रुपये से लेकर 2550 तक पहुंच गया है, जो पहले 2300 रुपये का था।

कुछ दुकानदारों ने किया रेट बढ़ने का विरोध
वालिया ट्रेडर्स के मालिक जसवंत वालिया ने बताया कि इस समय महंगाई काफी बढ़ चुकी है। ऊपर से मिल मालिक अपने सामान का रेट बढ़ाए जा रहे हैं। जंग शुरू हुए पांच से छह दिन हुए हैं, जबकि रेट 15 से बीस दिन पहले ही बढ़ाना शुरू कर दिया था। रेट बढ़ाना गलत है, इससे गरीबों की जेब पर ज्यादा मार पड़ेगी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए। रिफाइंड ऑयल एक ऐसी चीज है, जिसका हर कोई इस्तेमाल करता है। उन्होंने कहा कि रिटेल दुकानदारों के साथ ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा सामान नहीं है जो यूक्रेन या फिर रूस से आता है। अगर कोई आता भी है तो वह काफी कम मात्रा में आता है, जबकि ऑयल का सामान दूसरे देशों से आता है।   

केसरगंज मंडी में आए जसविंदर सिंह और प्रिंस ने बताया कि बिना बात के दाम में इजाफा किया गया है। 100 से 150 रुपये से लेकर 200 रुपये तक रेट में बढ़ोतरी कर दी है। उन्होंने कहा कि लेबर एरिया में उनकी छोटी सी दुकान है। दुकान पर सामान खरीदने आने वाले लोग भी परेशान है। प्रिंस ने बताया कि वह सामान की खरीदारी पिछले रेटों के हिसाब से करने के लिए आया था। जब सामान खरीद लिया तो पता चला कि रेट बढ़ गए हैं। जिस कारण उसका बजट हिल गया और उन्हें सामान वापस निकलवाना पड़ा।

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