Punjab News: दीप सिद्धू की महिला मित्र रीना राय पहुंचीं श्री दरबार साहिब, अमृतपाल के सवाल पर कही ये बात
रीना ने बताया कि उन्होंने बीते माह 10 मार्च को दीप सिद्धू की याद में पौधा रोपित किया था। यह पौधा उसी जगह लगाया, जहां दीप सिद्धू का एक्सीडेंट हुआ था। इस दुर्घटना में वह तो बच गई थीं लेकिन दीप सिद्धू ने दुनिया को अलविदा कह दिया
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'वारिस पंजाब दे' जत्थेबंदी के संस्थापक दीप सिद्धू का दो अप्रैल को जन्मदिवस था। इस मौके पर उनकी महिला मित्र रीना राय श्री हरमंदिर साहिब माथा टेकने पहुंचीं। रीना राय इस दौरान एक अलग रंग में दिखीं। रीना राय ने एक सिंघनी की वेशभूणा धारण की थी। सफेद वस्त्र पहने और सिर पर केसरी दस्तार सजाई थी। उन्होंने एलान किया कि वह युवाओं को उनके जन्मदिवस पर शिक्षा का तोहफा देने पहुंची हैं। दीप सिद्धू ने जब जत्थेबंदी बनाई थी तो मुख्य लक्ष्य युवाओं को शिक्षित करना था और पर्यावरण की रक्षा करना और इसके लिए एक व्यापक अभियान चलाना था। अमृतपाल ने दीप सिद्धू की जत्थेबंदी के साथ क्या किया है... इस पर उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद व श्री अकाल तख्त साहिब पर भी नतमस्तक होने पहुंचीं। रीना राय ने श्री हरमंदिर साहिब में दीप सिद्धू की आत्मा की शांति के लिए अरदास की। रीना ने कहा कि दीप सिद्धू हमेशा युवाओं को शिक्षित करने का मन में लक्ष्य रखते थे। उन्होंने कहा कि एजुकेशन एक सबसे ताकतवर हथियार है। जिससे आप दुनिया बदल सकते हैं। युवा जितने अधिक शिक्षित होंगे समाज और देश उतना शक्तिशाली व अमीर होगा।
रीना ने बताया कि उन्होंने बीते माह 10 मार्च को दीप सिद्धू की याद में पौधा रोपित किया था। यह पौधा उसी जगह लगाया, जहां दीप सिद्धू का एक्सीडेंट हुआ था। इस दुर्घटना में वह तो बच गई थीं लेकिन दीप सिद्धू ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। रीना ने कहा कि दीप सिद्धू के साथ अचानक जो हुआ उससे गहरा सदमा लगा। दीप के साथ मेरा भावनात्मक जुड़ाव था। परिवार ने इस घटना के बाद भारत से चले जाने को कहा था।
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हमारा योद्धा आज हमारे बीच में नहीं है। उसकी विचारधारा हमारे बीच है। हम उसकी सोच को आगे बढ़ाएंगे। वह आज गुरु को मिलने आई हैं। मेरे गुरु को पता है सारे घटना क्रम का सच क्या है। हम दीप की सोच के अनुसार युवाओं को अधिक से अधिक शिक्षित करेंगे। उसकी सोच को युवाओं की सोच बनाया जाएगा। दीप की याद में हम युवाओं को एक टी शर्ट देंगे, जिस पर दीप की तस्वीर और उसका कोट भी है।
मेरे लिए आज का दिन काफी इमोशनल है। अमृतपाल ने दीप सिद्धू की जत्थेबंदी के साथ क्या किया है, इस पर अभी कुछ नहीं बोलना चाहती। दीप सिद्धू के साथ हुई घटना सिर्फ एक एक्सीडेंट था। अब हमेशा हम दीप सिद्धू के विचारों का प्रचार व प्रसार करेंगे। हम सच के साथ खड़े हैं। भविष्य में सच के साथ रहेंगे।