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आतंकी हमले में शहीद का बेटा बना इसरो में वैज्ञानिक, सुनाई कड़े संघर्ष की कहानी

Fri, 10 Mar 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा) Updated Fri, 10 Mar 2017 09:19 AM IST
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red fort delhi terror attack martyr son appointed scientist in isro
इसरो का वैज्ञानिक बना विक्रम श्योराण
दादा व पिता दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुए तो तीसरी पीढ़ी के युवा ने इसरो में वैज्ञानिक (ग्रेड-एक) बनकर दादा और पिता के सपनों को पूरा करने की राह पर निकल पड़ी है। बुधवार को इसरो द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में हरियाणा में भिवानी जिले के गांव गोकलपुरा निवासी विक्रम श्योराण ने सफलता हासिल की है। विक्रम की सफलता पर गोकलपुरा गांव के अलावा बहल क्षेत्र में खुशी की लहर है।
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विक्रम ने अपनी आरंभिक शिक्षा बहल के बीआरसीएम पब्लिक स्कूल से पास की थी। वर्ष 2008 में बीआरसीएम ज्ञानकुंज से विक्रम ने 10वीं करने के बाद बिरला सीनियर सेकेंडरी स्कूल से वर्ष 2010 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। विक्रम ने बीटेक दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से वर्ष 2015 में मेकेनिकल ब्रांच से पास की।
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इसरो का वैज्ञानिक बनना ही था लक्ष्य
विक्रम ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसका शुरू से ही इसरो में वैज्ञानिक बनने का लक्ष्य था जो अब पूरा हो गया है। हालांकि उसने इसरो के अलावा यूपीएससी, डीआरडीओ तथा बार्क के लिए परीक्षा पास की हुई है तथा इसके लिए साक्षात्कार दिया हुआ है जिसका अभी रिजल्ट आना बाकी है। लेकिन अब वह इसरो ही ज्वाइन करेगा।
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दादा ने भारत-पाक युद्ध में तो पिता ने लालकिले पर दी थी शहादत

red fort delhi terror attack martyr son appointed scientist in isro
अमर जवान - फोटो : file photo
विक्रम के दादा रामकरण ने भारत-पाक युद्ध में दुश्मनों से लड़ते हुए 10 दिसंबर 1971 को शहादत दी थी। जबकि पिता अशोक कुमार 22 दिसंबर 2000 में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे।

विक्रम ने बताया कि वह अपने पिता और दादा के देशसेवा के अधूरे सपनों को पूरा करेगा तथा अपना पूरा योगदान देश को देगा। विक्रम ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी माता शकुंतला पूनिया को दिया है। शकुंतला आइटीआई हिसार में बतौर क्लर्क कार्यरत हैं।

विक्रम की बहन पूनम दिल्ली कॉलेज से एमबीबीएस के चौथे साल में है। विक्रम की सफलता पर बीआरसीएम निदेशक डॉ. एसके सिन्हा, मास्टर बाबूलाल मास्टर अनिल श्योराण तथा कुलदीप ने बधाई दी है।
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