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गर्भवती महिलाओं के लिए राहत भरी खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 21 May 2014 04:37 PM IST
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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग (हाई रिस्क) गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को लाल ओपीडी कार्ड देने पर विचार कर रहा है। जिससे ऐसी महिलाएं प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।
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स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधू ने सिविल सर्जन के राज्य स्तरीय दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गंभीर जोखिम के गर्भावस्था के मामलों को प्राथमिकता देकर राज्य में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
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ऐसे मामलों में गर्भवती महिलाओं को लाल ओपीडी कार्ड जारी किए जाएंगे ताकि वे प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे ओपीडी जांच कार्ड में गर्भवती को पहले से जानकारी होगी तथा जोखिम के कारकों का पूरा ब्योरा होगा।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक जिले में स्थानीय स्तर पर मॉनिटरिंग अधिकारियों तथा जिला शिशु एवं मातृ देखभाल परामर्श कर्ताओं के साथ-साथ डिस्ट्रिक्ट इन्वेस्टीगेशन कोर्डिनेटर तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एकीकृत कार्यक्रम (एमचीप) एवं एसिस्ट (तकनीकी सहयोगी) जैसी एजेंसियों के तकनीकी अधिकारियों के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कार्य किया जा रहा है।
ये परामर्शकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लगाने में अपना तकनीकी सहयोग देने के साथ-साथ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग भी करेंगे।
उन्होंने बुनियादी स्तर पर उच्च जोखिम के गर्भावस्था मामलों की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ताओं तथा एएनएम की कार्य कुशलता बढ़ाने पर भी बल दिया।