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1200 टीचर्स की नौकरी पर लटकी तलवार, भर्ती की जांच के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 25 Jul 2016 04:51 PM IST
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शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में 2015 में भर्ती किए गए करीब 1200 शिक्षकों पर तलवार लटक गई है। भर्ती की जांच के आदेश जारी हो गए हैं। 2008 की तरह इस नियुक्ति में भी बड़े स्तर पर घोटाला होने का संदेह है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने यूटी के शिक्षा सचिव को चिट्ठी लिखकर अपने स्तर पर जांच कराने को कहा है।
पंजाब विजिलेंस की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का पेपर लाखों रुपये लेकर लीक किया गया है। उम्मीदवारों से 7 से 10 लाख वसूले गए हैं। पेपर से पहले कैंडिडेट्स को लखनऊ ले जाया गया और उन्हें वहीं पर प्रश्न पत्र की तैयारी करवाई गई। पैसे देकर नियुक्ति पाने वाले 25 कैंडिडेट्स यूटी के सरकारी स्कूलों में ज्वाइन कर चुके हैं। जांच में ओर भी मुन्नाभाई के खुलासे की उम्मीद है।
पूडा, पनसप घोटाले की जांच में पता चला
शिक्षकों की भर्ती का घोटाला पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को पूडा और पनसप में करोड़ों रुपये लेकर नौकरी देने के मामले की गई जांच के दौरान सामने आया। मामले में गिरफ्तर अभियुक्तों ने विजिलेंस जांच में शिक्षक भर्ती घोटाले का पर्दाफाश किया है।
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एक दो दिन में पूछताछ संभव
शिक्षकों की भर्ती में घोटाले की बात सामने आते ही भर्ती से जुड़े अधिकारियों की नींद उड़ी गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस सभी अधिकारियों से एक दो दिन में पूछताछ कर सकती है। यूटी प्रशासन मामले में सीबीआई जांच का विकल्प भी खुला रखे हुए हैं। शिक्षा विभाग के भी कुछ अधिकारी जांच के घेरे में हैं।
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पंजाब विजिलेंस की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का पेपर लाखों रुपये लेकर लीक किया गया है। उम्मीदवारों से 7 से 10 लाख वसूले गए हैं। पेपर से पहले कैंडिडेट्स को लखनऊ ले जाया गया और उन्हें वहीं पर प्रश्न पत्र की तैयारी करवाई गई। पैसे देकर नियुक्ति पाने वाले 25 कैंडिडेट्स यूटी के सरकारी स्कूलों में ज्वाइन कर चुके हैं। जांच में ओर भी मुन्नाभाई के खुलासे की उम्मीद है।
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पूडा, पनसप घोटाले की जांच में पता चला
शिक्षकों की भर्ती का घोटाला पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को पूडा और पनसप में करोड़ों रुपये लेकर नौकरी देने के मामले की गई जांच के दौरान सामने आया। मामले में गिरफ्तर अभियुक्तों ने विजिलेंस जांच में शिक्षक भर्ती घोटाले का पर्दाफाश किया है।
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एक दो दिन में पूछताछ संभव
शिक्षकों की भर्ती में घोटाले की बात सामने आते ही भर्ती से जुड़े अधिकारियों की नींद उड़ी गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस सभी अधिकारियों से एक दो दिन में पूछताछ कर सकती है। यूटी प्रशासन मामले में सीबीआई जांच का विकल्प भी खुला रखे हुए हैं। शिक्षा विभाग के भी कुछ अधिकारी जांच के घेरे में हैं।
दूसरा शिक्षक भर्ती घोटाला
शिक्षक भर्ती
- फोटो : pti
यूटी शिक्षा विभाग में शिक्षकों की लगातार दो भर्ती में घोटाले सामने आए हैं। दोनों ही भर्ती के समय हरियाणा के एचसीएस अधिकारी भरती प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं। गौरतलब है कि 2008 की भर्ती में पैसे लेकर नौकरी देने का आरोप लग चुका है। इस मामले मे सीबीआई ने पूर्व डीपीआई सम्वर्तक सिंह से पूछताछ भी की थी।
पंजाबी आती नहीं नंबर आ गए 25 में से 25
शिक्षा विभाग ने 2015 में शिक्षकों की भर्ती पूरी तरह से लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर की थी। परीक्षा में 25 अंक पंजाबी के रखे गए थे। सूत्रों के मुताबिक जेबीटी की परीक्षा पास करने वाले कई कैंडिडेट्स पंजाबी में सिग्नेचर भी नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने पेपर में पूरे अंक हासिल किए हैं। इस मामले को यूटी कैडर एजुकेशनल इम्प्लाइज यूनियन ने कई महीने पहले यूटी प्रशासन के अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर अवगत करवाया था।
फर्जी सर्टिफिकेट की होगी जांच
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार 2015 की भर्ती में कुछ कैंडीडेट्स ने दिल्ली यूनिवर्सिटी सहित अन्य यूनिवर्सिटी के विभागों से फर्जी सर्टिफिकेट विभाग में जमा कर नौकरी पाई है। पंजाब विजिलेंस की जांच में शिक्षकों के भर्ती घोटाले में अब फर्जी सर्टिफिकेट जमा करने वालों पर भी गाज गिरेगी। शिक्षा विभाग जल्द ही सभी कैंडीडेट्स के सर्टिफिकेट की नए सिरे से जांच कराएगा।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से यूटी में 2015 में गलत तरीके से कुछ शिक्षक भर्ती का मामला आया है। इस मामले में सोमवार को आईजी को चिट्ठी भेजकर जांच के आदेश दिए जाएंगे। मामला काफी गंभीर है। प्रशासन पूरे मामले की पुख्ता जांच करेगा।
- सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव, यूटी प्रशासन
अभी प्रशासन से शिक्षक भर्ती मामले संबंधी कोई लेटर नहीं मिला है, अगर आदेश हुए तो मामले की पुलिस गहन जांच करेगी।
- टीएस लूथरा, आईजी चंडीगढ़ पुलिस
शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा होने के बारे में यूटी कैडर एजुकेशन इम्पलाइज यूनियन ने पहले शिक्षा सचिव को चिट्ठी लिखकर अवगत करा दिया था, लेकिन हमारी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। जल्द ही भर्ती में धांधली का पूरा खुलासा हो जाएगा। यूटी प्रशासन पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाऐ।
- स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसिडेंट यूटी कैडर एजुकेशनल इम्पलाइज यूनियन चंडीगढ़
पंजाबी आती नहीं नंबर आ गए 25 में से 25
शिक्षा विभाग ने 2015 में शिक्षकों की भर्ती पूरी तरह से लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर की थी। परीक्षा में 25 अंक पंजाबी के रखे गए थे। सूत्रों के मुताबिक जेबीटी की परीक्षा पास करने वाले कई कैंडिडेट्स पंजाबी में सिग्नेचर भी नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने पेपर में पूरे अंक हासिल किए हैं। इस मामले को यूटी कैडर एजुकेशनल इम्प्लाइज यूनियन ने कई महीने पहले यूटी प्रशासन के अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर अवगत करवाया था।
फर्जी सर्टिफिकेट की होगी जांच
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार 2015 की भर्ती में कुछ कैंडीडेट्स ने दिल्ली यूनिवर्सिटी सहित अन्य यूनिवर्सिटी के विभागों से फर्जी सर्टिफिकेट विभाग में जमा कर नौकरी पाई है। पंजाब विजिलेंस की जांच में शिक्षकों के भर्ती घोटाले में अब फर्जी सर्टिफिकेट जमा करने वालों पर भी गाज गिरेगी। शिक्षा विभाग जल्द ही सभी कैंडीडेट्स के सर्टिफिकेट की नए सिरे से जांच कराएगा।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से यूटी में 2015 में गलत तरीके से कुछ शिक्षक भर्ती का मामला आया है। इस मामले में सोमवार को आईजी को चिट्ठी भेजकर जांच के आदेश दिए जाएंगे। मामला काफी गंभीर है। प्रशासन पूरे मामले की पुख्ता जांच करेगा।
- सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव, यूटी प्रशासन
अभी प्रशासन से शिक्षक भर्ती मामले संबंधी कोई लेटर नहीं मिला है, अगर आदेश हुए तो मामले की पुलिस गहन जांच करेगी।
- टीएस लूथरा, आईजी चंडीगढ़ पुलिस
शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा होने के बारे में यूटी कैडर एजुकेशन इम्पलाइज यूनियन ने पहले शिक्षा सचिव को चिट्ठी लिखकर अवगत करा दिया था, लेकिन हमारी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। जल्द ही भर्ती में धांधली का पूरा खुलासा हो जाएगा। यूटी प्रशासन पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाऐ।
- स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसिडेंट यूटी कैडर एजुकेशनल इम्पलाइज यूनियन चंडीगढ़