{"_id":"613135a78ebc3e6be87d877a","slug":"recruitment-of-temporary-teachers-started-in-pec-30-teachers-will-be-hired-chandigarh-news-pkl425495446","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेक में अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां शुरू, 30 शिक्षक रखे जाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेक में अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां शुरू, 30 शिक्षक रखे जाएंगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां शुरू हो गई हैं। पहले चरण में 30 शिक्षक रखे जाएंगे। इन शिक्षकों की मांग संकायों की ओर से की गई थी और उसी के आधार पर इन शिक्षकों को रखा जा रहा है। दूसरे चरण में स्थायी शिक्षकों की भर्तियां होंगी। इसके लिए पेक प्रशासन यूटी प्रशासन की अनुमति लेगा।
पेक में 100 से अधिक शिक्षकों की कमी है, जो स्थायी चाहिए। स्थायी शिक्षकों की भर्तियां करना आसान नहीं है, क्योंकि उसके लिए कई अधिकारियों की अनुमति लेनी होती है। साथ ही बजट का भी प्रबंध करना होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पेक प्रशासन ने संकायों से शिक्षकों की मांग जानी। संकायों के प्रस्ताव आने के बाद साक्षात्कार आदि के आधार पर अस्थायी शिक्षकों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इन शिक्षकों का कार्यकाल एक सेमेस्टर रहेगा। उसके बाद आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाएगा।
इनसेट---
नवागत निदेशक प्रो. सेतिया ने शिक्षा गुणवत्ता पर जोर दिया
पेक में शिक्षकों की कमी का मुद्दा कई संकायों की ओर से उठाया गया तो नवागत निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया ने उसे समझा। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में बताया था कि शिक्षा गुणवत्ता को और बेहतर बनाएंगे। इसके लिए शिक्षकों की जरूरत है। उसी को ध्यान में रखकर यह किया जा रहा है। इसके अलावा शोध को आगे बढ़ाने के लिए प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत किए जाने की योजना है ताकि उपकरण आदि के अभाव में शोध न रुक सकें। इसके अलावा पेटेंटों की संख्या भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का निपटारा भी अब तेजी से हो रहा है। बताया जाता है कि पहले कुछ फाइलें रुकी हुई थीं, लेकिन अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर काम होगा। पेक के अधिकारियों का कहना है कि रैंकिंग में संस्थान को आगे बढ़ाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेक में 100 से अधिक शिक्षकों की कमी है, जो स्थायी चाहिए। स्थायी शिक्षकों की भर्तियां करना आसान नहीं है, क्योंकि उसके लिए कई अधिकारियों की अनुमति लेनी होती है। साथ ही बजट का भी प्रबंध करना होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पेक प्रशासन ने संकायों से शिक्षकों की मांग जानी। संकायों के प्रस्ताव आने के बाद साक्षात्कार आदि के आधार पर अस्थायी शिक्षकों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इन शिक्षकों का कार्यकाल एक सेमेस्टर रहेगा। उसके बाद आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट---
नवागत निदेशक प्रो. सेतिया ने शिक्षा गुणवत्ता पर जोर दिया
पेक में शिक्षकों की कमी का मुद्दा कई संकायों की ओर से उठाया गया तो नवागत निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया ने उसे समझा। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में बताया था कि शिक्षा गुणवत्ता को और बेहतर बनाएंगे। इसके लिए शिक्षकों की जरूरत है। उसी को ध्यान में रखकर यह किया जा रहा है। इसके अलावा शोध को आगे बढ़ाने के लिए प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत किए जाने की योजना है ताकि उपकरण आदि के अभाव में शोध न रुक सकें। इसके अलावा पेटेंटों की संख्या भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का निपटारा भी अब तेजी से हो रहा है। बताया जाता है कि पहले कुछ फाइलें रुकी हुई थीं, लेकिन अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर काम होगा। पेक के अधिकारियों का कहना है कि रैंकिंग में संस्थान को आगे बढ़ाना है।
विज्ञापन