शहर में ज्यादा मतदान, यानि मेरी जीत तेरी हार
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शहर में ज्यादा वोटिंग को कांग्रेस, भाजपा, आप और बसपा के नेता अपने हित में बता रहे हैं। हर राजनीतिक के नेता यही दावा करते रहे कि इस बार शहर में मतदान ज्यादा होने से उन्हें फायदा मिलेगा और जीत उनकी ही होगी। शहर के इतिहास में हुए अब तक के सबसे अधिक मतदान ने भी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ साथ आम लोगों को इसके कारण सोचने पर मजबूर कर दिया है।
कॉलोनियों और शहर में जमकर मतदान
कुछ का कहना है कि लोग अब बदलाव चाहते हैं और उनमें गुस्सा था। वहीं, कुछ ने कहा कि चुनाव विभाग की ओर से शहर वासियों को दिए गए आकर्षक ऑफर के कारण ही ज्यादा लोग मतदान करने पहुंचे। शहर की कालोनियां ही नहीं, बल्कि सेक्टरों में भी लोगों ने खुलकर मतदान किया। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वीवीआईपी सेक्टरों में जहां मतदान का प्रतिशत बहुत कम रहता था, वहां भी इस बार काफी अधिक मतदान हुआ।
प्रत्याशियों की बांछें खिलीं
प्रशासन भी थमा रहा अपनी पीठ
उपायुक्त और चुनाव अधिकारी मोहम्मद शाइन ने कहा कि चुनाव विभाग ने जिस तरह से इस बार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया और उन्हें कई ऑफर दिए उसका नतीजा यह था कि लोग घरों से बड़ी संख्या में निकले और मतदान किया। लोकसभा चुनाव में शहर से किस्मत आजमा रहे सभी प्रत्याशियों को अब 16 मई का इंतजार है। इन प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। सभी को अब नतीजे का इंतजार है।