सिफारिश : पंजाब के सरकारी अस्पतालों में खोले जाएं मदर मिल्क बैंक, छोटे बच्चों को मुफ्त मिले वेंटिलेटर
- पंजाब में जिला व तहसील मुख्यालय में सरकारी अस्पतालों में मिल्क बैंक खोलने की सिफारिश
- पंजाब विधानसभा की एससी, एसटी व बीसी कल्याण कमेटी ने अपनी 46वीं रिपोर्ट पेश करते हुए की सिफारिश
- सरकारी अस्पतालों में एचआईवी पॉजिटिव रोगियों को डायलिसिस की मुफ्त सुविधा मुहैया कराने की भी सिफारिश
विस्तार
पंजाब में जिला व तहसील मुख्यालय में सरकारी अस्पतालों में मिल्क बैंक खोलने की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य है कि जो महिलाएं अपने नवजात शिशुओं को दूध पिलाने में किसी स्वस्थ कारणों से असमर्थ हों तो उस नवजात को मां का दूध उपलब्ध कराया जा सके। इन मिल्क बैंकों में विभिन्न वर्गों की महिलाएं दूध जमा करा सकेंगी।
पंजाब विधानसभा की एससी, एसटी व बीसी कल्याण कमेटी ने अपनी 46वीं रिपोर्ट पेश करते हुए यह सिफारिश की है। कमेटी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुख्य सचिव को सिफारिश करते हुए प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आम लोगों को आसानी से मुहैया हो सकने वाली कई सुविधाओं के अभाव पर भी उंगली उठाई है।
कमेटी ने विभाग के मुख्य सचिव से सिफारिश की है कि ऐसी महिलाएं जो किन्हीं स्वास्थ्य कारणों से अपने नवजात बच्चे को दूध नहीं पिला सकतीं, उनके बच्चों को पौष्टिक आहार के तौर पर मां का दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। कमेटी का कहना है कि इस उपक्रम से समाज के सभी वर्गों को लोगों के बीच समानता की भावना का भी प्रसार होगा।
तहसील के सरकारी अस्पतालों में छोटे बच्चों को मुफ्त वेंटिलेटर सुविधा दी जाए
कमेटी ने सरकारी अस्पतालों में एचआईवी पॉजिटिव रोगियों को डायलिसिस की मुफ्त सुविधा मुहैया कराने की सिफारिश करते हुए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में ऐसे रोगियों के लिए एक मशीन आरक्षित रखने की सिफारिश की है।
इसके साथ ही मूक-बधिर बच्चों के इलाज के लिए आवश्यक स्क्रीनिंग टेस्ट मुफ्त कराने को कहा है ताकि ऐसे बच्चों का छोटी उम्र में ही समय रहते इलाज हो जाए। कमेटी ने जिला व तहसील मुख्यालयों के सरकारी अस्पतालों में छोटे बच्चों के लिए वेंटिलेंटर की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा है ताकि बच्चों के इलाज के दौरान गरीब लोगों को आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।
पंजाब में नहीं है कोई मिल्क बैंक
पंजाब के किसी अस्पताल में फिलहाल मिल्क बैंक नहीं है। मिल्क बैंक में दूध उन माताओं से लिया जाता है, जिनके बच्चे नहीं बचते या फिर जिन्हें जरूरत से ज्यादा दूध आता है। यह दूध नवजात शिशुओं को गंभीर रोगों से बचाकर उनके स्वस्थ पोषण की राह आसान करता है। विदेशों में मदर मिल्क बैंक सुलभ हैं लेकिन भारत में अभी तक ऐसे मिल्क बैंकों की कुल संख्या 16 है। इनमें से राजस्थान में सर्वाधिक 11 बैंक, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य जिलों में 5 बैंक, चेन्नई में 2, नई दिल्ली व कोलकाता में 1-1 मिल्क बैंक उपलब्ध है। पंजाब में ऐसा कोई केंद्र नहीं है, हालांकि चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में यह सुविधा है।