{"_id":"04ffe24e889b1b7d02ea98ec29f90e6b","slug":"rebellion-issue-in-punjab-congress-will-be-sort-outed-with-rahul-gandhi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब कैप्टन और बाजवा का पक्ष सुनेंगे राहुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब कैप्टन और बाजवा का पक्ष सुनेंगे राहुल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 05 Feb 2015 03:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के विधायकों से फीडबैक लेने के बाद अब पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी दोनों दिग्गजों कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप बाजवा का भी पक्ष सुनेंगे। जल्द ही दोनों केसाथ उनकी बैठकें होने की उम्मीद है। पंजाब के कांग्रेसियों की निगाहें अब हाईकमान के रुख पर टिकी हुई हैं।
विज्ञापन
पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन होता है या फिर बाजवा को ही जारी किया जाता है, लेकिन यह माना जा रहा है कि निकाय चुनाव और किसान रैली से पहले बदलाव के आसार नहीं हैं। राहुल ने दो और तीन फरवरी को दिल्ली में पंजाब के विधायकों के साथ चार ग्रुप में बैठकें कीं।
विज्ञापन
उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने, लोगों केमुद्दों से लेकर अगले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर फीड बैक लिया। इस दौरान ज्यादातर विधायकों ने यह बात प्रमुखता से रखी कि अगर अगला विधानसभा चुनाव जीतना है तो कैप्टन को आगे लाना चाहिए। बाजवा के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली गई।
विज्ञापन
बाजवा की पत्नी समेत कुल पांच विधायक ही उनके हक में खड़े हुए। इससे कैप्टन गुट मजबूत होकर उभरा है। कैप्टन गुट मान कर चल रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर विरोध के बाद हाईकमान बाजवा को हटाने पर फैसला ले सकता है। कैप्टन गुट अब किसी तीसरे के नाम पर भी मानने को राजी नहीं है।
फिलहाल निकाय चुनाव सिर पर हैं। इसके बाद राहुल खुद बाजवा को किसान रैली करने को कह चुके हैं, जोकि मार्च के अंत में मोगा में होनी है। ऐसे में रैली से पहले परिवर्तन संभव नहीं है। हाईकमान तुरंत बदलाव कर दबाव को बढ़ावा नहीं देना चाहता। वहीं, किसान रैली बाजवा को ऑक्सीजन भी दे सकती है। रैली में खुद राहुल शामिल होंगे।
ऐसे में सभी विधायकों, सांसदों और अन्य बड़े नेताओं का पहुंचना लाजिमी होगा। राहुल की मौजूदगी के चलते भीड़ भी जमकर जुटाई जाएगी। बाजवा गुट इस कोशिश में है कि इस बीच कुछ विधायकों को तोड़ कर अपने पाले में लाया जाए। ताकि कैप्टन के शक्ति प्रदर्शन का जवाब दिया जा सके।