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BJP के गैर जाट मंत्री-विधायकों में विरोध के सुर
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:19 AM IST
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हरियाणा में जाट आरक्षण की चिंगारी भड़कने के बाद भाजपा की गैर जाट लीडरशिप में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। आंदोलन के बाद के हालात से निपटने के लिए गैर जाट नेताओं ने प्रदेश सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सुर में सुर मिलाते हुए खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कणदेव कांबोज और कृष्ण कुमार बेदी ने उपद्रवियों पर कार्रवाई करने और व्यापारियों के नुकसान की भरपाई करने की आवाज बुलंद कर दी है।
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इन मंत्रियों के अलावा भाजपा के अन्य विधायकों का भी कहना है कि सब्र का बांध टूट रहा है। दोनों मंत्रियों की नाराजगी से साफ है कि सरकार ने पूरे आंदोलन की कार्रवाई के दौरान इनके साथ राय मशविरा नहीं किया। मंत्री और विधायकों ने मुख्यमंत्री से अतिशीघ्र विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की है।
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बैठक में विधायक सरकार के सामने अपनी जमकर भड़ास निकालेंगे। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के कई विधायक इस पूरे प्रकरण को लेकर आलाकमान से मिलने की कवायद शुरू कर चुके हैं। हरियाणा विधानसभा में इस समय भाजपा के 47 विधायक हैं। इनमें 41 विधायक गैर जाट और 6 जाट हैं। विधायक दल की बैठक में दोनों धड़ों में कैसे सहमति बनेगी, यह सरकार के लिए चिंता का विषय होगा।
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विज के इस्तीफे की पेशकश ने दी ताकत
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के इस्तीफे की पेशकश के बाद भाजपा के गैर जाट नेताओं को दम मिल गया है। उनका कहना है कि दो मंत्रियों और कुछ अफसरों ने पूरी सरकार हाईजैक कर रखी है। मंत्री कर्णदेव कांबोज ने आंदोलनकारियों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किए जाने की मांग की है।
कंबोज ने बिना किसी देरी के विधायक दल की बैठक बुलाए जाने की मांग करते हुए कहा कि जिनके घर और दुकानें जली हैं, उसमें सभी जातियों के लोग शामिल हैं। इसके बावजूद आंदोलन को भड़काने वालों के प्रति उदारता दिखाना गलत है। हरियाणा पुलिस इस घटनाक्रम में फेल साबित हुई है।