भाजपा में बगावत, बढ़ी मोदी, शाह की टेंशन
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प्रदेश की हॉट सीटों में शुमार चरखी दादरी विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के नाम की घोषणा के साथ ही भाजपाइयों में बगावती सुर सामने आ गए हैं।
अभी हाल ही में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक मेजर नृपेंद्र सांगवान समर्थकों ने गलत टिकट वितरण का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया है।
मेजर समर्थकों ने तो यहां तक कहा है कि वे चुनाव लड़ें चाहे उन्हें निर्दलीय लड़ना पड़े। कयास लगाए जा रहे हैं कि मेजर नृपेंद्र सांगवान हजकां में जा सकते हैं।
वर्ष 2005 में मेजर सांगवान बने थे विधायक
पूर्व विधायक मेजर नृपेंद्र सिंह सांगवान वर्ष 2005 में कांग्रेस की सीट पर विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 2009 में वे कांग्रेस सीट पर चुनाव हार गए थे और हजकां सीट पर सतपाल सांगवान विजयी रहे थे। इसके बाद सतपाल सांगवान कांग्रेस में शामिल हो गए थे और अब तक हुड्डा सरकार में सहकारिता मंत्री थे।
मेजर ने अभी पिछले दिनों कांग्रेस को अलविदा कह दिया था और भाजपा का दामन थाम लिया था। उनको उम्मीद थी कि भाजपा में उनको दादरी से टिकट मिल जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने अपने समर्थकों का सम्मेलन बुलाया।
सम्मेलन में एक सुर में यह आवाज उभर कर सामने आई कि मेजर चुनाव लड़ें चाहे उन्हें निर्दलीय लड़ना पड़े। मेजर ने भी समर्थकों से जल्द ही उनकी उम्मीदों के मुताबिक फैसला लेने का संकेत दिया है।
कार्यकर्ताओं की मानें तो मेजर सांगवान चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। सबसे पहले यह देखा जा रहा है कि टिकट कौनसी पार्टी से मिल सकती है। बतौर कार्यकर्ताओं के प्राथमिकता हजकां को दी जा रही है। हजकां उनको मौका देती है या नहीं इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं।
विरोध ने भाजपा का बढ़ाया सिरदर्द
राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस को अभी हाल ही में अलविदा कहने वाले और भाजपा का दामन थामने वाले मेजर समर्थकों की बगावत ने भाजपा प्रत्याशी सोमवीर सांगवान और भाजपा की सिरदर्दी बढ़ा दी है।
हालांकि सोमवीर समर्थक इसकी परवाह किए बिना दावा कर रहे हैं कि इस बार भाजपा प्रत्याशी दादरी से सोमवीर सांगवान विजयी होंगे लेकिन बगावत को लेकर वे चिंतित जरूर हैं। उनका अगला कदम दादरी की राजनीति के लिए अहम जरूर माना जा रहा है।
हालांकि कांग्रेस ने दादरी से अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है लेकिन पूर्व विधायक मेजर नृपेंद्र सांगवान के भाजपा से बगावती सुर के बाद उनके अगले कदम पर कांग्रेस और इनेलो भी नजर रखे हुए हैं।