फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Reasearch for Pregnant Womens

रिसर्चः प्रेग्नेंट वूमेन को 'पॉवर' देंगे क्रीम-सिंदूर

Tue, 04 Mar 2014 04:28 PM IST
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 04 Mar 2014 04:28 PM IST
विज्ञापन
Reasearch for Pregnant Womens

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए जल्द ही एक बड़ी खुशखबरी मिलेगी। नैनो टेक्नोलॉजी का कमाल अब बच्चे के जन्म के बाद दिखेगा।

विज्ञापन


स्वच्छ और तंदुरुस्त बच्चे की पैदाइश के लिए अब महिलाओं को महीनों तक आयरन और पौष्टिक तत्वों के लिए तरह-तरह की गोलियां नहीं खानी पड़ेंगी। महिलाओं को अब ये सारे पौष्टिक तत्व साजो श्रृंगार(कॉस्मेटिक) से ही मिल सकेंगे।

सुनने में यह अजीब लगे, लेकिन देश में इस पर चल रहे शोध के पहले चरण में शोधकर्ताओं को बड़ी सफलता मिली है। आईआईटी मुंबई में प्रो. रिंटी बैनर्जी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी हुई हैं।
विज्ञापन


शोधकर्ता इस प्रोजेक्ट पर करीब दो साल से काम कर रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) में सोमवार से नैनो टेक्नोलॉजी पर आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में प्रो. रिंटी ने ‘प्रेग्नेंट वुमन और कॉस्मेटिक’ थीम पर शोध पत्र में यह जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीयू के केमिस्ट्री ऑडिटोरियम में प्रो. रिंटी के शोध को सभी ने ध्यान से सुना और सवाल भी पूछे। उन्होंने बताया कि अमेरिका की बिल एंड मेलेंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से पिछले दो साल से शोधकार्य चल रहा है।

प्रो. रिंटी के साथ 26 अन्य शोधकर्ता भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि चूहों पर इसका सफल प्रयोग किया जा चुका है। अगले एक दो साल में कॉस्मेटिक में नैनो पार्टिकल को बाजार में लॉन्च कर दिया जाएगा।

सिंदूर और मेहंदी से मिलेगा आयरन
प्रो. रिंटी के अनुसार 80 फीसदी महिलाओं को प्रेग्नेंसी के समय डॉक्टर स्वस्थ बच्चे के जन्म के लिए आयरन और अन्य जरूरी टॉनिक लेने का सलाह देते हैं। लेकिन, कुछ रोज बाद ही महिलाएं गोलियां खानी छोड़ देती हैं।

नैनो पार्टिकल के खास प्रयोग को मुल्तानी, मेहंदी, क्रीम और सिंदूर जैसे कॉस्मेटिक में मिलाकर महिलाएं आसानी से प्रयोग कर सकेंगी। इससे महिलाओं को बिना टैबलेट खाए बच्चे के लिए पूरी खुराक मिल जाएगी। महिलाओं की त्वचा पर भी इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

प्रो. रिंटी का दावा है कि इस नई नैनो टेक्नोलॉजी को खास तौर से ग्रामीण महिलाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। महिलाओं को इसके लिए 5 से 10 रुपये ही खर्च करने होंगे।  


ग्रामीण महिलाओं पर होगा फोकस :
एक सर्वे के अनुसार देश के ग्रामीण इलाकों में 30 फीसदी और शहरों में 10 से 15 फीसदी बच्चों में ब्रेन डेवलपमेंट नहीं होने सहित कई बीमारियां पाई जाती हैं। यह प्रेग्नेंसी के समय उचित मात्रा में प्रोटीन नहीं लेने के कारण होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed