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...तो दिल्ली के जैसे चंडीगढ़ में भी लागू हो सकता है ये एक्ट

Sun, 04 Feb 2018 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 04 Feb 2018 12:30 AM IST
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Real estate regulatory act may apply in Chandigarh
- फोटो : File Photo
रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) चंडीगढ़ में भी लागू हो सकता है। केंद्रीय राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में शनिवार को हुई बैठक में इस पर विचार किया गया। इसमें दिल्ली में लागू रेरा को स्टडी कर शहर में लागू करवाने की मंजूरी गृह मंत्रालय से लेने की बात कही गई।
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रेरा के लागू होने के बाद कोई भी बिल्डर आवंटी के साथ धोखा नहीं कर सकता।
बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कामों की जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि वह तीन माह बाद फिर से स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे प्रोजेक्टों का रिव्यू करने आएंगे। मालूम हो कि शहर में बनने वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट पर रेरा लागू किया जाएगा। रेरा लागू होने के बाद हर बिल्डर को समय पर प्रोजेक्ट पूरा करना होगा। मालूम हो कि चंडीगढ़ में हाउसिंग बोर्ड ही है जो कि हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाती है।
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बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के लिए केंद्र सरकार पुराने रेट पर जमीन नहीं दे रही है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को दिल्ली आकर बात करने को कहा। मालूम हो कि अब तक स्मार्ट सिटी को लागू करने वाली टीम का गठन भी नहीं हो पा रहा है सिर्फ स्पेशल व्हीकल पर्पज का ही गठन हुआ है।
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3 हजार नए मकान बनाने की जरूरत

Real estate regulatory act may apply in Chandigarh
केंद्रीय राज्यमंत्री हरदीप सिंह ने अफसरों संग की बैठक - फोटो : अमर उजाला
बैठक में अधिकतर प्रोजेक्ट्स की जानकारी पूर्व कमिश्नर बी पुरूषार्था ने दी क्योंकि पुरूषार्था दिसंबर माह में ही केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह के निजी सचिव बने हैं। ऐसे में हर प्रोजेक्ट्स की जानकारी उनको है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहर को खुले में शौच मुक्त शहर का स्टेटस मिला हुआ है। यह भी बताया गया कि पिछले दो साल में अमृत स्कीम के तहत 33 हजार लोगों को पानी के नए कनेक्शन दिए गए हैं जबकि सिटी में शत प्रतिशत घरों से गारबेज इकट्ठा हो रहा है जबकि पंजाब में 66 और हरियाणा में 70 प्रतिशत घरों से डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा हो रहा है। 

3 हजार नए मकान बनाने की जरूरत
बैठक में एनयूएलएम स्कीम के तहत जो शेल्टर हैं, उनकी संख्या को केंद्रीय मंत्री ने कम बताया है। यह शेल्टर उन लोगों के लिए जिनके घर नहीं हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि इस समय शहर में दो शेल्टर बने हुए हैं जबकि 10 अस्थायी शेल्टर हर सर्दी समाज कल्याण विभाग द्वारा बनाए जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए किसी भी चीज की जरूरत हो तो मंत्रालय हमेशा उनके साथ है।

इस मौके पर अधिकारियों ने कहा कि शहर में पीएम आवास योजना के तहत 33 हजार नए मकान बनाने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे सर्वे की भी समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एलईडी लाइट्स लगाने का काम जारी है जबकि शहर मकजौली वाटर वर्क्स के दो नए फेज से पानी लाने के लिए पाइपलाइन का निर्माण कार्य जारी है।
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