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बाजरे की बिजाई के लिए ये समय है मुफीद, घर पर ऐसे जैविक खाद तैयार करें किसान भाई
Tue, 09 Jun 2020 05:50 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 09 Jun 2020 05:50 PM IST
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बाजरा
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दक्षिण हरियाणा की प्रमुख खरीफ फसल बाजरे की बुवाई का समय मानसून पर निर्भर करता है। बाजरे की बिजाई का समय एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच का है। 50 एमएम से अधिक बारिश होने पर जून में भी बिजाई की जा सकती है। महेंद्रगढ़ में सबसे अधिक एरिया में बाजरा की बिजाई होती है। बाजरे की बिजाई के लिए किसान जैविक खाद का उपयोग कर सकते हैं।
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डॉ. अरविंद यादव एटीएम ने बताया की इस बार जुलाई में बाजरे की बिजाई के लिए तैयारी शुरू कर दें। एक एकड़ खेत में तकरीबन डेढ़ से 2 किलो बीज बोना चाहिए। खंड कृषि अधिकारी डॉक्टर गजानंद शर्मा, डॉ अरविंद यादव और डॉक्टर मनीषा यादव ने बताया कि रासायनिक खाद के निरंतर प्रयोग से मिट्टी की संरचना एवं बनावट में काफी बदलाव आया है।
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इस बदलाव के कारण मिट्टी नमी रहित एवं सख्त हो गई है। नमी संरक्षण हेतु जैविक खाद का प्रयोग आवश्यक हो जाता है। इसके प्रयोग से कृषि योग्य भूमि आवश्यकतानुसार सस्ते दर पर पोषक तत्वों की पूर्ति कर कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। जैविक खाद को तैयार करना आसान एवं सस्ता है, तथा रसायनिक खाद की तुलना में इसके प्रयोग से फसल एवं मिट्टी को कोई हानि नहीं पहुंचती है। जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति के साथ-साथ उसके भौतिक एवं जैविक गुणों में वृद्धि होती है।
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इस तरह करें जैविक खाद तैयार
नीम के पत्ते व नीम की निंबोलियां 4 किलो, आधा किलो आकड़ा, आधा किलो धतूरे के पत्ते, आधा किलो हरी मिर्च इन सभी को कूट कर अच्छे तरीके से रस निकाल लें। उसके बाद इसमें 4 लीटर लस्सी, 4 लीटर गाय का गोबर, एक टुकड़ा तांबा और एक टुकड़ा लोहे का इन सभी को एक मटके में डालकर 10 से 15 दिन के लिए किसी पेड़ की छाया में दबा देना चाहिए। उसके बाद इस मटके को निकालकर सभी को छानकर स्प्रे करें।