चंडीगढ़: रेलवे से HC ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट, चंदूमाजरा की FIR रद्द करने की मांग, पढ़ें हाईकोर्ट की अहम खबरें
पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा की चंडीगढ़ में 8 अगस्त, 2020 को लॉकडाउन में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने को लेकर दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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पंजाब के धुरी रेलवे स्टेशन के नजदीक की जमीन का अधिग्रहण करने के बावजूद पुल बनाने में हो रही देरी के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही भारतीय रेल को पुल को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल कर समाज सेवा सोसाइटी ने कहा कि पंजाब सरकार ने धुरी रेलवे स्टेशन के नजदीक पुल बनाने का निर्णय लिया था। इस निर्णय के बाद सरकार ने इसके लिए जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया।
अधिग्रहण के बावजूद अभी तक इस पुल का निर्माण नहीं किया गया है। याची ने अपील की है कि राज्य सरकार को निर्देश दिए जाएं कि पुल का निर्माण हो ताकि लोगों को ट्रैफिक की समस्या से जूझना न पड़े। इस मामले में रेलवे के पैनल वकील बदलने के चलते भारत सरकार के वकील अरुण गोसाईं ने कहा कि उन्हें इस मामले में जवाब के लिए समय दिया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
चंदूमाजरा ने की एफआईआर रद्द करने की मांग, चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस
पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा की चंडीगढ़ में 8 अगस्त, 2020 को लॉकडाउन में मजिस्ट्रेट द्वारा जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने को लेकर दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
8 अगस्त को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा शहर में धारा 144 लगते हुए पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदी लगाई थी। उसी दिन कई अकाली नेताओं ने गोल्फ क्लब के पास धरना दिया था। इसी को लेकर चंदूमाजरा सहित कई के खिलाफ आईपीसी की धारा-188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इस एफआईआर को रद्द करने की चंदूमाजरा ने हाईकोर्ट से मांग की है। याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
डॉग ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग नियम 2017 को लेकर जवाब दे केंद्र सरकार: हाईकोर्ट
डॉग ब्रीडर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा डॉग ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग नियम 2017 को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पटियाला की एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी अगेंस्ट एनिमल (डॉग ब्रीडिंग एंड मार्केटिंग) रूल 2017 को लागू किया है। इन नियमों के तहत ऐसी शर्तें लगाई गई हैं जिनका सरकार को अधिकार नहीं है।
याची ने बताया कि इसमें डॉग ब्रीडर को इसे बेचने के बाद हर साल जाकर उसका निरीक्षण करने का प्रावधान किया गया है। याची ने कहा कि एक बार डॉग बेचने के बाद कैसे वह हर साल जाकर इसका निरीक्षण कर सकता है। साथ ही डॉग कितनी बार बच्चे देगा इसके लिए भी अधिकतम सीमा तय की गई है। याची ने कहा कि पीसीए एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ जाकर ये नियम बनाए गए हैं। साथ ही प्रावधान के अनुसार इन नियमों को संसद के दोनों सदनों से पास करवाना अनिवार्य है जबकि ऐसा नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर केंद्र सरकार सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर कब्जे को लेकर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
फिल्लौर नगर परिषद के अधिकारियों की शह पर सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण को लेकर दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग के सचिव सहित जालंधर के डीसी व अन्य प्रतिवादियों को 16 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
फिल्लौर की लखविंदर कौर और पवितर सिंह ने एडवोकेट आरएस बैंस के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि फिल्लौर में नगर परिषद के अधिकारियों की शह पर कई लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे किए हैं।
याचिकाकर्ता ने आरटीआई के माध्यम से अवैध अतिक्रमण की जानकारी मांगी थी। जवाब में नगर परिषद ने 26 नवंबर 2015 को अपना जवाब देते हुए ऐसे 318 अवैध अतिक्रमण की जानकारी दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने जून 2016 में फिर आरटीआई दायर कर इन अवैध अतिक्रमणकारियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी लेकिन इसके जवाब में नगर परिषद् के सूचना अधिकारी ने यह कह दिया कि कोई भी अवैध अतिक्रमण मौजूद ही नहीं है। याचिकाकर्ता ने इस विभिन्न स्तर पर शिकायत दी लेकिन किसी भी स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। याचिकाकर्ता ने अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।