बजट से हर वर्ग को साधने की कोशिश में पंजाब सरकार, विपक्ष ने साधा निशाना, पढ़ें किसने क्या कहा
वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने सोमवार को पंजाब का 2019-20 का बजट पेश किया जिसमें आने वाले लोकसभा चुनाव का असर दिखा। मनप्रीत ने सूबे की जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया। यही नहीं घाटे के बावजूद पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 1 रुपये वैट घटाने का एलान तक कर दिया। यह कटौती सोमवार रात 12 बजे से लागू हो जाएगी। उन्होंने सभी वर्ग के लिए कोई न कोई एलान कर सबको खुश करने की कोशिश की है।
वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के बजट से किसान एक बार फिर निराश हुए हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने एक बार फिर उनके साथ धोखा किया है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि बजट में खेतीबाड़ी के लिए कुछ भी नहीं है। किसानों और खेत मजदूरों की कर्ज माफी के लिए तीन हजार करोड़ रखे हैं।
इसमें कितने किसानों को राहत मिलेगी। सरकार ने किसानों का हर तरह का कर्ज माफ करने का वादा किया था। अब इस बजट में भी मुकर गई है। गन्ना किसानों के लिए जो रकम रखी गई है, वह भी किसानों को नहीं मिलेगी। वह रकम चीनी मिलों को जाएगी। जिसके जरिए सरकार द्वारा तय रेट और एमएसपी के अंतर की भरपाई की जाएगी। बजट में किसानों की हालत सुधारने को कुछ नहीं है। न ही गेहूं-धान के फसल चक्र से निकालने के लिए कोई कदम उठाया गया है।
लोगों के साथ धोखा है बजट : ढींढसा
शिरोमणि अकाली दल ने कहा है कि यह बजट भी कांग्रेस के मैनिफेस्टो की तरह लोगों से धोखा है। पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर ढींढसा ने कहा कि वित्तमंत्री ने तथ्यों की गलत बयानी कर किसानों, नौजवानों और सरकारी मुलाजिमों के साथ किए वादे पूरे करने को कोई फंड नहीं रखे। समाज भलाई स्कीमों के लिए भी उचित फंड नहीं रखे गए। पे कमीशन को लागू करने के लिए बजट में कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
बजट गरीब हितैषी और विकासोन्मुखी :धर्मसोत
पंजाब के सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण और अल्पसंख्यक मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने बजट को विकासोन्मुख, अनुसूचित जातियों, पिछड़ीं श्रेणियों और अल्पसंख्यक वर्ग समर्थक बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पंजाब की आर्थिकता को बढ़ावा देगा और सभी क्षेत्रों में तरक्की के लिए एक नया रास्ता खोलेगा।
धर्मसोत ने बजट को यथार्थवादी, भविष्यमुखी और समाज के सभी क्षेत्रों के हित में बताते हुए कहा कि सरकार ने अनुसूचित जातियों, पिछड़ीं श्रेणियों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2019-20 के लिए 1,228 करोड़ की राशि आरक्षित रखी है।
इससे शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक और अन्य विकास प्रोग्राम जैसी विभिन्न कल्याण स्कीमें चलाई जाएंगी। धर्मसोत ने बताया कि सरकार ने एससी, बीसी, ईसाई लड़कियों, विधवा/तलाकशुदा और किसी भी जाति से संबंधित विधवाओं की लड़कियों के विवाह के मौके पर ‘आशीर्वाद’ स्कीम के अंतर्गत दी जाती शगुन की राशि के लिए 100 करोड़ रुपये का एलान बजट में किया है, जो प्रशंसनीय कदम है।
दावे बड़े, पूरे होने मुश्किल
पंजाब सरकार ने बजट में चुनाव को ध्यान में रखकर कोशिश की है कि हर वर्ग के लोगों को राहत दी जाए। लेकिन जितने बड़े-बड़े दावे किए गए हैं, उनके पूरे होने के आसार कम ही दिख रहे हैं। कैपिटल एक्सपेंडिचर 22842 करोड़ है, लेकिन रेवेन्यू डेफिसिट को देख कर लगता है कि यह पूरा हो नहीं पाएगा। ऐसे में विकास कार्यों के लिए जो बजट का प्रावधान किया गया है, वह कहां से आएगा।
सरकार ने पिछले साल वेज एंड मीन्स के लिए 32 हजार करोड़ कर्ज लिया था। यह रकम तो पहले ही बजट से कम हो जाएगी। अतिरिक्त संसाधन कैसे जुटाए जाएंगे, इस बारे में कुछ नहीं है। पेट्रोल-डीजल सस्ते होने से सीमांत जिलों में चंडीगढ़ से पेट्रोल भरवाने का रुझान घटेगा। लेकिन पंजाब के राजस्व में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह नहीं पता।
बीमा योजना के लिए जितना प्रीमियम बनता है, उससे कम प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है, उसके लिए कम प्रावधान किए गए हैं। 2.12 लाख करोड़ का कर्ज है, उस पर कोई बात नहीं हुई है। इसका ब्याज ही 15-16 हजार करोड़ होगा। कोई रोडमैप नहीं है कि इससे कितने सालों में कैसे उतारा जाएगा।
इस बार उम्मीद की जा रही थी कि सरकार बढ़ते कर्ज पर बजट में कुछ बोलेगी, लेकिन इस बारे में कोई बात नहीं की गई। बजट में खेतीबाड़ी और इंडस्ट्री के लिए कुछ खास नहीं है। किसानों की कर्ज माफी के लिए तीन हजार करोड़ रखे गए हैं। कृषि का बजट बढ़ाया गया है, लेकिन कहां खर्च होगा, यह स्पष्ट नहीं है। इंडस्ट्री को सरकार ने पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली देने के लिए प्रावधान किया है। सातवें वेतन आयोग के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। रोजगार सृजन के लिए भी कुछ नहीं है। रोजगार तभी आ सकते हैं जब या तो सरकार निवेश करे या निजी निवेश आए। यहां फिलहाल दोनों दिखाई नहीं दे रहे हैं। - डॉ. आरएस घुम्मण (लेखक जाने-माने अर्थशास्री हैं)
वादों से पलटी कांग्रेस : चीमा
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस अपने वादों से पलट गई है, उसका बजट झूठ का पुलिंदा है। नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि पिछले साल के बजट को नए शब्दों में पेश कर सरकार ने लोगों से धोखा किया है। घर-घर रोजगार, कर्जा कुर्की खत्म, मोबाइल फोन, बेरोजगारी भत्ता समेत सभी वादों से कांग्रेस पलट गई है। किसान कर्ज माफी के लिए रखी राशि ऊंट के मुंह में जीरा है। फसली विभिन्नता के लिए कोई नीति नहीं है।
हरसिमरत ने मनप्रीत को बताया फेल खजाना मंत्री
बठिंडा में सोमवार को पहुंची केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने खजाना मंत्री मनप्रीत बादल को फेल करार दिया। उन्होंने कहा कि अकाली भाजपा सरकार में जब मनप्रीत खजाना मंत्री थे, तब भी फेल साबित हो रहे थे। बहिबल कलां गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी की ओर से आज गिरफतार किए गए आईजी परमराज सिंह उमरानंगल पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने चुप्पी साधे रखी।
मीडिया की ओर से बार बार गिरफ्तारी संबंधी पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल पूरे देश में सस्ता हुआ है, अकेला पंजाब में नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री बादल ने कहा कि कैप्टन सरकार ने जो पंजाब के लोगों के साथ वायदे किए थे वो पूरे नहीं किए और जो आज पंजाब सरकार ने बजट पेश किया है, उसमें पंजाब के लोगों को कुछ नहीं दिया गया।