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बिना राशन कार्ड वाले 6000 लोगों को भी मिलेगा मुफ्त राशन, केंद्र ने यूटी प्रशासन को दी मंजूरी
Fri, 10 Jul 2020 03:02 PM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 10 Jul 2020 03:02 PM IST
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चंडीगढ़ के उन हजारों लोगों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें लॉकडाउन में राशन कार्ड नहीं होने की वजह से सरकार की तरफ से राशन नहीं मिला। केंद्र सरकार ने अब यूटी प्रशासन को ऐसे लोगों को भी राशन देने की मंजूरी दे दी है। पिछले दिनों मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन ने सर्वे भी करा लिया है कि शहर में ऐसे कितने लोग हैं, जिन्हें राशन दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार प्रशासन ने 6000 लोगों को इसके लिए चिह्नित किया है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को कई खबरों के माध्यम से गंभीरता से उठाया था। इसके बाद जाकर प्रशासन ने ऐसे लोगों को राशन देने के लिए केंद्र सरकार से इजाजत मांगी थी। केंद्र सरकार ने पिछले दिनों मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार के इजाजत के बाद प्रशासन ने लेबर विभाग और फूड एंड सप्लाई विभाग को ऐसे लोगों के आंकड़े जुटाने के आदेश दिए, जिनके पास राशन कार्ड नहीं थे।
पिछले कई दिनों से आंकड़े जुटाने का काम चल रहा था। जानकारी के अनुसार, अब तक प्रशासन के पास 6000 लोगों की सूची आ गई है। सभी के परिवार के सदस्यों की संख्या, वर्तमान पता, स्थाई पता और मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियों एकत्रित की गई हैं। अब मोबाइल नंबर पर कॉल कर लोगों को राशन की जानकारी दी जाएगी।
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जानकारी के अनुसार प्रशासन ने 6000 लोगों को इसके लिए चिह्नित किया है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को कई खबरों के माध्यम से गंभीरता से उठाया था। इसके बाद जाकर प्रशासन ने ऐसे लोगों को राशन देने के लिए केंद्र सरकार से इजाजत मांगी थी। केंद्र सरकार ने पिछले दिनों मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार के इजाजत के बाद प्रशासन ने लेबर विभाग और फूड एंड सप्लाई विभाग को ऐसे लोगों के आंकड़े जुटाने के आदेश दिए, जिनके पास राशन कार्ड नहीं थे।
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पिछले कई दिनों से आंकड़े जुटाने का काम चल रहा था। जानकारी के अनुसार, अब तक प्रशासन के पास 6000 लोगों की सूची आ गई है। सभी के परिवार के सदस्यों की संख्या, वर्तमान पता, स्थाई पता और मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियों एकत्रित की गई हैं। अब मोबाइल नंबर पर कॉल कर लोगों को राशन की जानकारी दी जाएगी।
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पीजीकेएवाई के तहत दिये जाएंगे राशन
यह राशन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सभी लोगों को दिए जाएंगे। लॉकडाउन के समय शहर के 64000 परिवारों को तीन महीने के लिए प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं और एक किलो चने की दाल मिली है लेकिन यह राशन उन परिवारों को मिला जिनके पास राशन कार्ड हैं और बैंक खाते में सब्सिडी आ रही है।
इस बीच शहर में हजारों लोग ऐसे भी थे, जिनके पास राशन कार्ड नहीं था लेकिन वह बेहद जरूरतमंद थे। कई संस्थाओं ने ऐसे लोगों को राशन देने की मांग की लेकिन कोई योजना नहीं होने की वजह से प्रशासन ऐसे लोगों को राशन नहीं दे पाया।
29 अप्रैल को प्रशासक बदनौर ने योजना बनाने के दिए थे आदेश
29 अप्रैल को पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासन वीपी सिंह बदनौर ने फूड एंड सप्लाई विभाग के सेक्रेटरी विनोद पी कावले को एक योजना तैयार करने के आदेश दिये थे, जिसके तहत शहर के उन लोगों की भी मदद की जा सके जिनके पास राशन कार्ड नही है।
प्रशासक के इस आदेश के करीब दो महीने बाद अब जाकर बिना राशन कार्ड वाले लोगों को राशन देने का फैसला हुआ है। गौरतलब है कि लॉकडाउन की वजह से हजारों लोग शहर में फंस गए। लोगों के लिए एक-एक दिन काटना मुश्किल हो गया था लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने कोई योजना नहीं होने की वजह से आंखें मूंद ली थी।
ऐसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी राशन देने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद हमने शहर में एक सर्वे कराया था, जिसमें 6000 लोगों की संख्या सामने आई है। अब जैसे ही राशन वितरण की प्रक्त्रिस्या शुरु होगी। इन्हें भी राशन मुहैया कराया जाएगा।
- मनोज परिदा, एडवाइजर
इस बीच शहर में हजारों लोग ऐसे भी थे, जिनके पास राशन कार्ड नहीं था लेकिन वह बेहद जरूरतमंद थे। कई संस्थाओं ने ऐसे लोगों को राशन देने की मांग की लेकिन कोई योजना नहीं होने की वजह से प्रशासन ऐसे लोगों को राशन नहीं दे पाया।
29 अप्रैल को प्रशासक बदनौर ने योजना बनाने के दिए थे आदेश
29 अप्रैल को पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासन वीपी सिंह बदनौर ने फूड एंड सप्लाई विभाग के सेक्रेटरी विनोद पी कावले को एक योजना तैयार करने के आदेश दिये थे, जिसके तहत शहर के उन लोगों की भी मदद की जा सके जिनके पास राशन कार्ड नही है।
प्रशासक के इस आदेश के करीब दो महीने बाद अब जाकर बिना राशन कार्ड वाले लोगों को राशन देने का फैसला हुआ है। गौरतलब है कि लॉकडाउन की वजह से हजारों लोग शहर में फंस गए। लोगों के लिए एक-एक दिन काटना मुश्किल हो गया था लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने कोई योजना नहीं होने की वजह से आंखें मूंद ली थी।
ऐसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी राशन देने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद हमने शहर में एक सर्वे कराया था, जिसमें 6000 लोगों की संख्या सामने आई है। अब जैसे ही राशन वितरण की प्रक्त्रिस्या शुरु होगी। इन्हें भी राशन मुहैया कराया जाएगा।
- मनोज परिदा, एडवाइजर