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हरियाणा: सुरजेवाला ने 9वीं कक्षा की पुस्तक में इतिहास से छेड़छाड़ का लगाया आरोप, किताब को वापस लेने की मांग
Wed, 11 May 2022 09:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 11 May 2022 09:43 PM IST
सार
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से इस शैक्षणिक सत्र से नौवीं कक्षा के लिए इतिहास की पाठ्यपुस्तक जारी की गई है, जिसमें 1947 में भारत के विभाजन के कारणों में एक कारण के रूप में कांग्रेस की कथित 'तुष्टीकरण' नीति का उल्लेख है। वहीं इस पुस्तक के तथ्यों पर अब कांग्रेस ने भी सवाल उठाया है।
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रणदीप सुरजेवाला
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में नौवीं कक्षा में इतिहास के पाठ्यक्रम से छेड़-छाड़ कर रहे हैं, और हरियाणा के छात्रों को ‘आज़ादी के आंदोलन’ का गलत इतिहास पढ़ा रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि यह स्वतंत्रता संग्राम का घोर अपमान है, इसे कांग्रेस कभी बर्दास्त नहीं करेगी।
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सुरजेवाला ने कहा कि नए पाठ्यक्रम की पुस्तक में भारत की आजादी के सबसे बड़े आंदोलन ‘‘असहयोग आंदोलन’’ का नाम ना लिख कर सिर्फ ‘खिलाफत आंदोलन’ का नाम लिखा गया है, जो महात्मा गांधी सहित लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि असहयोग और खिलाफत आंदोलन में पूरे विश्व में हिंदू-मुस्लिम एकता और राष्ट्रीय एकजुटता की अद्भुत मिसाल पेश की थी। इसे मुस्लिम लीग का तुष्टीकरण कहना देशद्रोह के समान है। इन तथ्यों को जानबूझकर छात्रों से इस पुस्तक में छिपा कर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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सुरजेवाला ने कहा कि 1916 का कांग्रेस और मुस्लिम लीग का जो समझौता हुआ था, उसमें कांग्रेस की ओर से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और मुस्लिम लीग की तरफ से मोहम्मद अली जिन्ना शामिल हुए थे। एनी बेसेंट की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका थी। देश में सांप्रदायिक सद्भाव और हिंदू मुस्लिम एकता के उद्देश्य से लोकमान्य ने जो समझौता किया था, उसे मुस्लिम लीग का तुष्टीकरण बताकर यह पुस्तक महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बात गंगाधर तिलक का घोर अपमान कर रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि अपनी सच्चाई को झुठलाने के लिए पूरे इतिहास को ही गलत बताना भाजपा-आरएसएस का एजेंडा रहा है। नौंवीं कक्षा की इस किताब को बगैर देरी वापस लिया जाए और सरकार लोगों से माफी मांगे।