{"_id":"59cfeabf4f1c1bab538b5193","slug":"randeep-singh-surjewala-on-gst-and-notebandi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नोटबंदी और जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था को किया चौपट: सुरजेवाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटबंदी और जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था को किया चौपट: सुरजेवाला
ब्यूरो/अमर उजाला, पिहोवा(हरियाणा)
Updated Sun, 01 Oct 2017 09:12 AM IST
विज्ञापन
रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस प्रवक्ता
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी और जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। आज भी देश की जनता इसका खामियाजा भुगत रही है। यह बात कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कैथल विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को गांव गुमथलागढू़ स्थित एक निजी पैलेस के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में लिया गया था। इस तुगलकी फरमान से देश का कोई फायदा नहीं हुआ, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को एक तगड़ा झटका लगा है। नोटबंदी लागू करते हुए सरकार द्वारा किए गए दावे खोखले साबित हुए। सरकार ने नोटबंदी लागू करते हुए पांच बड़े दावे किए थे, जिसमें देश में कालाधन वापस लाने, फर्जी करंसी पकड़े जाने, नस्लवाद और आतंकवाद खत्म होने और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा और कालाधन वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने जैसी बातें शामिल थी। लेकिन सरकार के ये दावे सिर्फ जुमले ही साबित हुए।
उन्होंने कहा कि काले धन और फर्जी करंसी के दावों की पोल खुद आरबीआई ने खोल दी है। भाजपा का झूठ जनता के सामने आ गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नोटबंदी से नस्लवाद और आतंकवाद खत्म करने का दावा किया था। जबकि इसकी वास्तविकता ये है कि अकेले जम्मू कश्मीर में ही 32 बड़े आतंकी हमले हुए, जिसमें 70 सैनिक शहीद हुए और 100 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में लिया गया था। इस तुगलकी फरमान से देश का कोई फायदा नहीं हुआ, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को एक तगड़ा झटका लगा है। नोटबंदी लागू करते हुए सरकार द्वारा किए गए दावे खोखले साबित हुए। सरकार ने नोटबंदी लागू करते हुए पांच बड़े दावे किए थे, जिसमें देश में कालाधन वापस लाने, फर्जी करंसी पकड़े जाने, नस्लवाद और आतंकवाद खत्म होने और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा और कालाधन वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने जैसी बातें शामिल थी। लेकिन सरकार के ये दावे सिर्फ जुमले ही साबित हुए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि काले धन और फर्जी करंसी के दावों की पोल खुद आरबीआई ने खोल दी है। भाजपा का झूठ जनता के सामने आ गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नोटबंदी से नस्लवाद और आतंकवाद खत्म करने का दावा किया था। जबकि इसकी वास्तविकता ये है कि अकेले जम्मू कश्मीर में ही 32 बड़े आतंकी हमले हुए, जिसमें 70 सैनिक शहीद हुए और 100 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई।
विज्ञापन
randeep surjewala
- फोटो : File Photo
इसी तरह नस्लवादी हमले में 112 सैनिक शहीद हुए और 82 नागरिकों की मौत हो गई। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने दावा किया था कि नोटबंदी से डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन इसमें नाममात्र का ही इजाफा हुआ। जबकि कांग्रेस के वर्ष 2011-12 में डिजिटल ट्रांजेक्शन में 54 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी और साल 2013-14 में 49 प्रतिशत का इजाफा हुआ था।
उन्होंने कहा कि कालेधन वालों को पकड़कर जेल की सलाखों के पीछे भेजना तो दूर की बात है, सरकार उन लोगों के नाम बताने में भी गुरेज कर रही है। नोटबंदी के दौरान 140 लोगों की मौत बैंक की लाइनों में हो गई, तीन लाख करोड़ का नुकसान हुआ, हजारों लोगों की नौकरी चली गई, लघु उद्योग समाप्त हो गए। लेकिन बावजूद इसके देश के प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री कोई जवाब नहीं दे रहे है।
इतना ही नहीं नोटबंदी के दौरान आरबीआई ने 127 बार नियमों में फेरबदल किया। जो कि जनता की समझ से बाहर था। सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी केवल भाजपा का एक चुनावी स्टंट था। जिसका मकसद चुनावों में जीत हासिल करना था। इसके लिए भाजपा ने जनता को बरगलाकर उनका वोट हासिल कर दिया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस यूथ सचिव हरमनदीप विर्क, अमन चीमा, मोहित शर्मा, डीपी दस्तूर, रविंद्र एडवोकेट, सुनील बंसल एडवोकेट, वीरभान एडवोकेट सहित कई लोग मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि कालेधन वालों को पकड़कर जेल की सलाखों के पीछे भेजना तो दूर की बात है, सरकार उन लोगों के नाम बताने में भी गुरेज कर रही है। नोटबंदी के दौरान 140 लोगों की मौत बैंक की लाइनों में हो गई, तीन लाख करोड़ का नुकसान हुआ, हजारों लोगों की नौकरी चली गई, लघु उद्योग समाप्त हो गए। लेकिन बावजूद इसके देश के प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री कोई जवाब नहीं दे रहे है।
इतना ही नहीं नोटबंदी के दौरान आरबीआई ने 127 बार नियमों में फेरबदल किया। जो कि जनता की समझ से बाहर था। सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी केवल भाजपा का एक चुनावी स्टंट था। जिसका मकसद चुनावों में जीत हासिल करना था। इसके लिए भाजपा ने जनता को बरगलाकर उनका वोट हासिल कर दिया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस यूथ सचिव हरमनदीप विर्क, अमन चीमा, मोहित शर्मा, डीपी दस्तूर, रविंद्र एडवोकेट, सुनील बंसल एडवोकेट, वीरभान एडवोकेट सहित कई लोग मौजूद रहे।