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रामपाल के जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट, पूछा कैसे कैसे दायर कर सकते हो याचिका

Wed, 07 Dec 2016 01:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 07 Dec 2016 01:20 PM IST
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Rampal High Court dissatisfied with the response, you can file a petition to ask
रामपाल

सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याची से पूछा कि कोई ऐसा कानून बताएं जो साबित करता हो कि जेल में बंद कोई व्यक्ति जनहित याचिका दाखिल कर सकता है।

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इस पर रामपाल ने कहा कि जब देश के नेता जेल में रहते हुए चुनाव लड़ सकते हैं, तो लोगों के हित को देखते हुए वह जनहित याचिका क्यों नहीं दाखिल कर सकता। हाईकोर्ट ने रामपाल के इस जवाब पर असंतुष्टि जाहिर की। साथ ही इससे जुड़े जजमेंट अदालत में पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर तक स्थगित कर दी गई  है।
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गीता जयंती पर 95 करोड़ खर्च धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ : रामपाल
रामपाल ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका के जरिये कहा है कि कुरुक्षेत्र में गीता जयंती महोत्सव के आयोजन पर सरकार की ओर से 95 करोड़ रुपये खर्च किया जाना धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है।
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याचिका में कहा गया है कि यह राशि बिना किसी टेंडर और सूचना के एक व्यक्ति को सौंप दी गई है, जो पूरी तरह से गलत है। एक असंवैधानिक संस्था को ऐसा कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

हरियाणा सरकार से भी जवाब तलब 

Rampal High Court dissatisfied with the response, you can file a petition to ask
कोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

संविधान का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। ऐसे में किसी एक धर्म या धर्मग्रंथ को सरकार इस तरह से प्रोमोट नहीं कर सकती। इस आयोजन का सारा खर्च सरकारी पैसे से हो रहा है। यह करदाताओं की गाढ़े पसीने की कमाई है।

रामपाल की दलील से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान रामपाल के वकील से सवाल किया याची किस आधार पर याचिका दायर कर सकता है। इस पर कहा गया कि रामपाल ने गिरफ्तार होने से पूर्व अपने आश्रम में हजारों भूखे लोगों को भोजन कराया है। 

वह इस तरह की जनसेवा से जुड़े रहे। साथ ही ट्रस्ट द्वारा जनहित में कई अन्य कार्य भी किए हैं। ऐसे में जनहित के मामले को लेकर वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के हकदार हैं। इस दलील के बावजूद हाईकोर्ट ने जवाब मांगा की अगली सुनवाई पर बताया जाय कि जो खुद जेल में हो, वह किस आधार पर जनहित याचिका दायर कर सकता है। 

हरियाणा सरकार से भी जवाब तलब 
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि रामपाल के खिलाफ कितने मामले लंबित हैं। इन मामलों की सुनवाई का क्या स्टेटस चल रहा है। साथ ही हरियाणा सरकार रामपाल के अवमानना मामले में दर्ज मामलों पर भी जवाब देगी। 

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