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कार बाजार में हुआ हंगामा, 7 का कटा चालान
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 18 Nov 2013 10:46 AM IST
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संडे कार बाजार की व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम को आखिरकार सख्ती का रास्ता ही अपनाना पड़ा। रविवार सुबह साढ़े आठ बजे ही नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग और पुलिस का दस्ता सेक्टर-7 के कार बाजार में पहुंच गया।
कार डीलरों ने इसका विरोध किया और दिनभर हंगामा चलता रहा। पुलिस की भारी मौजूदगी के चलते हालांकि स्थिति काबू में रही। इस दौरान सात गाड़ियों को चालान काटे गए।
करीब दो सौ लोगों का दल-बल का यह दस्ता दस घंटे से ज्यादा समय शाम सात बजे तक बाजार में ही डटा रहा।
यह दिखा बदलाव
नगर निगम की ओर से पूरे दल-बल के साथ की गई सख्ती का असर भी संडे कार बाजार में दिखा। रविवार को माया ज्वेलर्स, शिप एन डाइ और सेक्टर-7/8 के चौक के पास कार बाजार नहीं लगने दिया गया।
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लापरवाही के लिए सुनने पड़े ताने
नगर निगम के दस्ते को शोरूम मालिकों ने अब तक लापरवाही दिखाने के लिए खूब खरी-खोटी सुनाई। माया ज्वलेर्स के मालिक संजीव कुमार जैन ने बताया कि उनके शोरूम के सामने बरामदे पर कार बाजार वालों ने कुर्सी व मेज डालकर कब्जा कर लिया है।
सामने 20 से 25 कारें खड़ी कर देते हैं। उन्होंने इंफोर्समेंट विंग से सवाल किया कि कोई कार बाजार तीन हजार रुपये में उनके शो रूप के सामने कब्जा कैसे कर सकता है। इसी तरह संदीप जैन ने कहा कि नगर निगम पैसा कमाने के चक्कर में शोरूम मालिकों को परेशान कर रहा है।
क्या है मामला
नगर निगम को शोरूम मालिकों की ओर से लगातार शिकायत मिल रही थी कि कार बाजार मालिक उनके शोरूम के आगे कुर्सियां और मेज लगाकर बैठ जाते हैं।
शोरूम के आगे 25 से 30 कारें खड़ी कर दी जाती हैं। पूरा रास्ता ब्लाक कर दिया जाता है। पार्किंग पर कब्जा करने के अलावा ग्रीन बेल्ट को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
तीस साल से लग रहा है कार बाजार
चंडीगढ़ कार डीलर्स एसोसिएशन गुस्सा में है। एसोसिएशन का कहना है कि तीस वर्षों से कार बाजार लग रहा है। पार्किंग में कार बाजार लग रहा है।
रविवार को किसी को क्या परेशानी होगी। सभी कार्यालय, बैंक, दुकाने बंद रहती है। इसके अलावा 43 कार बाजार हैं। हर कार बाजार प्रति सप्ताह तीन हजार रुपये देता है।
इसमें नगर निगम किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं देता। सुबह कार बाजार पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। यह ठीक नहीं है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और पार्षद राजेश गुप्ता का कहना है कि एसोसिएशन की बैठक सोमवार को बुलाई गई है। इस बैठक में फैसला लिया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर से मिलकर उन्हें सारी स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
यदि जरूरत पड़ी तो नगर निगम सदन की बैठक में भी मामला उठाया जाएगा। राजेश गुप्ता का कहना है कि कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ है। नगर निगम का इंफोर्समेंट विंग लोगों को तंग न करे।
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कार डीलरों ने इसका विरोध किया और दिनभर हंगामा चलता रहा। पुलिस की भारी मौजूदगी के चलते हालांकि स्थिति काबू में रही। इस दौरान सात गाड़ियों को चालान काटे गए।
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करीब दो सौ लोगों का दल-बल का यह दस्ता दस घंटे से ज्यादा समय शाम सात बजे तक बाजार में ही डटा रहा।
यह दिखा बदलाव
नगर निगम की ओर से पूरे दल-बल के साथ की गई सख्ती का असर भी संडे कार बाजार में दिखा। रविवार को माया ज्वेलर्स, शिप एन डाइ और सेक्टर-7/8 के चौक के पास कार बाजार नहीं लगने दिया गया।
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लापरवाही के लिए सुनने पड़े ताने
नगर निगम के दस्ते को शोरूम मालिकों ने अब तक लापरवाही दिखाने के लिए खूब खरी-खोटी सुनाई। माया ज्वलेर्स के मालिक संजीव कुमार जैन ने बताया कि उनके शोरूम के सामने बरामदे पर कार बाजार वालों ने कुर्सी व मेज डालकर कब्जा कर लिया है।
सामने 20 से 25 कारें खड़ी कर देते हैं। उन्होंने इंफोर्समेंट विंग से सवाल किया कि कोई कार बाजार तीन हजार रुपये में उनके शो रूप के सामने कब्जा कैसे कर सकता है। इसी तरह संदीप जैन ने कहा कि नगर निगम पैसा कमाने के चक्कर में शोरूम मालिकों को परेशान कर रहा है।
क्या है मामला
नगर निगम को शोरूम मालिकों की ओर से लगातार शिकायत मिल रही थी कि कार बाजार मालिक उनके शोरूम के आगे कुर्सियां और मेज लगाकर बैठ जाते हैं।
शोरूम के आगे 25 से 30 कारें खड़ी कर दी जाती हैं। पूरा रास्ता ब्लाक कर दिया जाता है। पार्किंग पर कब्जा करने के अलावा ग्रीन बेल्ट को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
तीस साल से लग रहा है कार बाजार
चंडीगढ़ कार डीलर्स एसोसिएशन गुस्सा में है। एसोसिएशन का कहना है कि तीस वर्षों से कार बाजार लग रहा है। पार्किंग में कार बाजार लग रहा है।
रविवार को किसी को क्या परेशानी होगी। सभी कार्यालय, बैंक, दुकाने बंद रहती है। इसके अलावा 43 कार बाजार हैं। हर कार बाजार प्रति सप्ताह तीन हजार रुपये देता है।
इसमें नगर निगम किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं देता। सुबह कार बाजार पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। यह ठीक नहीं है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और पार्षद राजेश गुप्ता का कहना है कि एसोसिएशन की बैठक सोमवार को बुलाई गई है। इस बैठक में फैसला लिया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर से मिलकर उन्हें सारी स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
यदि जरूरत पड़ी तो नगर निगम सदन की बैठक में भी मामला उठाया जाएगा। राजेश गुप्ता का कहना है कि कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ है। नगर निगम का इंफोर्समेंट विंग लोगों को तंग न करे।