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पंचकूला में हिंसा का कोई वीडियो या CCTV फुटेज है, इस नंबर पर व्हाट्सऐप करें
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Updated Thu, 31 Aug 2017 09:19 AM IST
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अगर आपके पास पंचकूला में हिंसा की कोई वीडियो या सीसीटीवी फुटेज है तो इस नंबर पर व्हाट्सऐप करें, ताकि दंगाइयों की पहचान करके सजा दी जा सके। पुलिस ने व्हाट्सएप और ई-मेल के जरिये वीडियो और सीसीटीवी भेजने की आम लोगों से अपील की है। पुलिस की ओर से जारी ई-मेल एड्रेस और व्हाट्सएप नंबर पर हिंसा से जुड़ी कोई भी तस्वीर या वीडियो भेजी जा सकती है।
डीसीपी मनवीर सिंह ने पंचकूलावासियों से अपील की है कि हिंसा से संबंधित किसी तरह की तस्वीर या वीडियो डीसीपीपंचकूलाएटदरेटजीमेल.कॉम या व्हाट्सएप नंबर 8146631013 पर भेज सकते हैं। अमर उजाला की टीम ने भी डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हुई भीषण हिंसा मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कुछ वीडियो की तस्वीरें प्रकाशित की जा रही हैं, जिनमें उपद्रवी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।
अलग-अलग स्थानों पर हुई हिंसा को कैमरों में कैद किया जो दंगे की वीभत्स तस्वीरों की दर्दनाक दास्तां बयां करती है। सेक्टर-तीन, सेक्टर-4 और सेक्टर-16 की तस्वीरों में दिख रहे उपद्रवियों ने पूरे शहर वासियों को खौफजदा कर दिया। खास बात यह है कि महज 1.30 से दो घंटे के बीच उपद्रवियों ने शहर में जितनी तबाही की, उसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद हैफेड के पास और सेक्टर-तीन में एक साथ उपद्रव मचाना शुरू कर दिया।
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यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान बैंक, होटल, अग्रवाल भवन और दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की दर्जनों घटनाएं हुईं। दंगाइयों ने अग्रसेन चौक की चारदीवारी को भी नहीं बख्शा, जबकि सेक्टर-दो में पेड़ों की टहनियों को तोड़कर इसे डंडे के तौर पर इस्तेमाल किया। केमिकल्स और पेट्रोल के साथ आग का सामान लेकर पूरे शहर में आतंक मचाने वाले उपद्रवियों के कारण शहर में ऐसा माहौल बन गया कि लोग घरों से निकलने से हिचक रहे थे।
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डीसीपी मनवीर सिंह ने पंचकूलावासियों से अपील की है कि हिंसा से संबंधित किसी तरह की तस्वीर या वीडियो डीसीपीपंचकूलाएटदरेटजीमेल.कॉम या व्हाट्सएप नंबर 8146631013 पर भेज सकते हैं। अमर उजाला की टीम ने भी डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हुई भीषण हिंसा मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। कुछ वीडियो की तस्वीरें प्रकाशित की जा रही हैं, जिनमें उपद्रवी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं।
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अलग-अलग स्थानों पर हुई हिंसा को कैमरों में कैद किया जो दंगे की वीभत्स तस्वीरों की दर्दनाक दास्तां बयां करती है। सेक्टर-तीन, सेक्टर-4 और सेक्टर-16 की तस्वीरों में दिख रहे उपद्रवियों ने पूरे शहर वासियों को खौफजदा कर दिया। खास बात यह है कि महज 1.30 से दो घंटे के बीच उपद्रवियों ने शहर में जितनी तबाही की, उसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद हैफेड के पास और सेक्टर-तीन में एक साथ उपद्रव मचाना शुरू कर दिया।
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यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान बैंक, होटल, अग्रवाल भवन और दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की दर्जनों घटनाएं हुईं। दंगाइयों ने अग्रसेन चौक की चारदीवारी को भी नहीं बख्शा, जबकि सेक्टर-दो में पेड़ों की टहनियों को तोड़कर इसे डंडे के तौर पर इस्तेमाल किया। केमिकल्स और पेट्रोल के साथ आग का सामान लेकर पूरे शहर में आतंक मचाने वाले उपद्रवियों के कारण शहर में ऐसा माहौल बन गया कि लोग घरों से निकलने से हिचक रहे थे।
दंगे में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर हुई 34
Ram Rahim Verdict
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर फैसले के बाद पंचकूला में भड़के दंगे में मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। जीएमसीएच-32 में मंगलवार को हुई एक युवक की मौत के बाद दंगे में मरने वालों की तादाद बढ़कर 34 हो गई। कैथल निवासी 25 वर्षीय किशन कुमार की मंगलवार को मौत हो गई। उधर, तीन मृतकों के शवों को मंगलवार को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
हालांकि पुलिस अब भी उन चार मृतकों के परिजनों का इंतजार कर रही है, जिनके परिजन अब तक शव लेने नहीं पहुंचे हैं। 25 अगस्त को हुई हिंसा में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। ट्राइसिटी के अस्पतालों में उपचाराधीन कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस लगातार शवों की पहचान के बाद परिजनों को सौंप रही है। मंगलवार को जींद निवासी निंबो के शव को भी परिजनों को सौंप दिया गया।
चार शवों की शिनाख्त में जुटी पुलिस
डीसीपी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जा रहा है। लेकिन चार शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस की कोशिश है कि इनकी पहचान जल्द से जल्द हो। शवों की पहचान के लिए पुलिस ने उनके अंगूठे के निशान लिए हैं, लेकिन अधिकतर मृतक ऐसे हैं जिनके पास आधार नहीं है, ऐसे में मिलान करने में भी पुलिस को मुश्किलें आ रही हैं। अगर बुधवार को भी इनकी शिनाख्त नहीं हुई तो इनका सामूहिक संस्कार किया जाएगा।
हालांकि पुलिस अब भी उन चार मृतकों के परिजनों का इंतजार कर रही है, जिनके परिजन अब तक शव लेने नहीं पहुंचे हैं। 25 अगस्त को हुई हिंसा में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। ट्राइसिटी के अस्पतालों में उपचाराधीन कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस लगातार शवों की पहचान के बाद परिजनों को सौंप रही है। मंगलवार को जींद निवासी निंबो के शव को भी परिजनों को सौंप दिया गया।
चार शवों की शिनाख्त में जुटी पुलिस
डीसीपी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जा रहा है। लेकिन चार शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस की कोशिश है कि इनकी पहचान जल्द से जल्द हो। शवों की पहचान के लिए पुलिस ने उनके अंगूठे के निशान लिए हैं, लेकिन अधिकतर मृतक ऐसे हैं जिनके पास आधार नहीं है, ऐसे में मिलान करने में भी पुलिस को मुश्किलें आ रही हैं। अगर बुधवार को भी इनकी शिनाख्त नहीं हुई तो इनका सामूहिक संस्कार किया जाएगा।
दंगा मामले में अब तक दर्ज हुई 56 एफआईआर
Ram Rahim Verdict
गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में भड़की हिंसा और आगजनी मामले में पुलिस ने अब तक 56 एफआईआर दर्ज कर 953 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 900 से अधिक को न्यायिक हिरासत में प्रदेश की जेलों में भेजा गया है। अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर की जेलों के बाद अब आरोपियों को करनाल की जेल में भेजने की तैयारी है।
हिंसक गतिविधियों में लिप्त सैकड़ों डेरा समर्थकों ने पंचकूला में जो कहर बरपाया, इनमें दंगा, आगजनी, हिंसा, देशद्रोह सहित अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए। जबकि कुछ आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। वहीं गंभीर मामलों के आरोपियों से पूछताछ चल रही है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि गंभीर मामलों में पुलिस की जांच के सिलसिले से जुड़े तमाम पहलुओं की बारीकी से छानबीन की जा रही है।
करीब 100 वाहनों को दंगाइयों ने बनाया निशाना
डीसीपी मनवीर सिंह ने बताया कि हिंसा और आगजनी में करीब 100 वाहनों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से वाहनों को जलाने सहित तोड़फोड़ और जानलेवा हमले के भी कई मामले सामने आए हैं।
धारा 144 लागू होने के बाद भी दंगाइयों ने की हिंसा की तैयारी
गौरतलब है कि दंगाइयों ने हैफेड चौक के आसपास शहर के अन्य सेक्टरों में केमिकल्स और पेट्रोलियम उत्पादों का वाहनों को जलाने में इस्तेमाल किया। सवाल उठ रहे हैं कि धारा 144 लागू होने के बाद भी दंगाइयों नेपुलिस से बचते हुए आखिरकार इतना अधिक नुकसान कैसे पहुंचाया।
हिंसक गतिविधियों में लिप्त सैकड़ों डेरा समर्थकों ने पंचकूला में जो कहर बरपाया, इनमें दंगा, आगजनी, हिंसा, देशद्रोह सहित अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए। जबकि कुछ आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। वहीं गंभीर मामलों के आरोपियों से पूछताछ चल रही है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि गंभीर मामलों में पुलिस की जांच के सिलसिले से जुड़े तमाम पहलुओं की बारीकी से छानबीन की जा रही है।
करीब 100 वाहनों को दंगाइयों ने बनाया निशाना
डीसीपी मनवीर सिंह ने बताया कि हिंसा और आगजनी में करीब 100 वाहनों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से वाहनों को जलाने सहित तोड़फोड़ और जानलेवा हमले के भी कई मामले सामने आए हैं।
धारा 144 लागू होने के बाद भी दंगाइयों ने की हिंसा की तैयारी
गौरतलब है कि दंगाइयों ने हैफेड चौक के आसपास शहर के अन्य सेक्टरों में केमिकल्स और पेट्रोलियम उत्पादों का वाहनों को जलाने में इस्तेमाल किया। सवाल उठ रहे हैं कि धारा 144 लागू होने के बाद भी दंगाइयों नेपुलिस से बचते हुए आखिरकार इतना अधिक नुकसान कैसे पहुंचाया।