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राम रहीम और डेरे की करनी की सजा भुगत रहे हजारों बच्चे, करियर दांव पर लगा

Wed, 13 Sep 2017 03:05 PM IST
गजेंद्र कुमार सिंह/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
गजेंद्र कुमार सिंह/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा) Updated Wed, 13 Sep 2017 03:05 PM IST
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ram rahim sentenced in sadhvi rape case, dera sacha sauda educational institute closed
Ram Rahim - फोटो : File Photo
राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा की करनी की सजा हजारों बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। उनका कैरियर दांव पर लग गया है और समाधान नजर नहीं आ रहा। दरअसल, डेरा प्रमुख को साध्वी यौन शोषण मामले में सजा सुनाए जाने के बाद से ही डेरा क्षेत्र में कर्फ्यू जारी है। डेरा के 13 शिक्षण संस्थानो में ताला लटका हुआ है। ऐसे में इन शिक्षण संस्थानों के करीब आठ हजार विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है।
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स्कूल खुलने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में स्थानीय अभिभावक  बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में करवा रहे हैं। उधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं व डेरा के कॉलेज व स्कूल शुरू करने की मांग को लेकर एसडीएम परमजीत सिंह चहल और अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशीलाल को उनके आवास पर ज्ञापन सौंपा।
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आसपास के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी
पिछले 19 दिन से लगातार कर्फ्यू लगा होने से तीन गांवों व डेरा के आसपास रहने वाले लोगों की परेशानियां पढ़ने लगी हैं। बेगू रोड पर रहने वाले लोग जहां अपने रोजगार के लिए शहर में नहीं आ पा रहे हैं, वहीं किसानों को भी अपने खेतों में जाने में दिक्कत हो रही है। हर तरफ पुलिस का नाका लगा है जिस कारण किसान खेतों में नहीं जा रहे हैं। कर्फ्यू क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थी भी सिरसा में स्थित अपने स्कूल-कॉलेज में नहीं जा पा रहे हैं जिसकी उनकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
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डेरा के 13 शिक्षण संस्थान, अभिभावकों की चिंता बढ़ी

ram rahim sentenced in sadhvi rape case, dera sacha sauda educational institute closed
Ram rahim
डेरा सच्चा सौदा की ओर से सिरसा में दो वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के स्कूल व तीन कॉलेज सहित 13 शिक्षण संस्थानों का संचालन किया जा रहा है। इन संस्थानों में लगभग आठ हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन संस्थानों में करीब 70 प्रतिशत विद्यार्थी बाहर से हैं जो हॉस्टल या डेरा के आसपास पीजी में रह रहे थे जबकि 30 प्रतिशत विद्यार्थी सिरसा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से है।

फतेहाबाद के बच्चों को भी डेरा की बस सिरसा लेकर आती जाती थी। लेकिन जब से डेरा प्रकरण शुरू हुआ है, तब से शिक्षण संस्थान बंद हैं। हॉस्टल में रहने वाले बच्चे भी अपने-अपने घर जा चुके हैं। डेरा के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक इस चिंता में हैं कि अब उनके बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा। अभी तक शिक्षण संस्थानों को शुरू करने की पहल प्रशासन या डेरा की ओर से नहीं हुई है।

स्कूल-कॉलेज शुरू होंगे भी या नहीं, ऐसा आश्वासन भी कहीं से नहीं मिल रहा है। इस वजह से बच्चों को अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा सिर पर है। उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे माहौल में बच्चों व उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। इसलिए सरकार या फिर शिक्षा विभाग को आगे आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि डेरा के शिक्षण संस्थान कब शुरू होंगे।

दूसरे स्कूलों ने खोले डेरा के बच्चों के लिए दरवाजे

ram rahim sentenced in sadhvi rape case, dera sacha sauda educational institute closed
गुरमीत राम रहीम
डेरा प्रकरण के बाद डेरा के स्कूल में शिक्षण कार्य बंद होने पर दूसरे स्कूलों ने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने स्कूलों के दरवाजे खोल दिए हैं। एमडीके इंटरनेशल स्कूल और श्रीराम ग्लोबल स्कूल ने तो साफ कर दिया है कि डेरा के शिक्षण संस्थान को जो भी बच्चा उनके स्कूल में अब दाखिला लेगा उससे एडमिशन फीस नहीं ली जाएगी। वह जिस माह में दाखिला लेगा उस माह से उसकी ट्यूशन फीस ली जाएगी।

अभिभावक संघ लगा चुका है शिक्षण संस्थान शुरू कराने की गुहार
अभिभावक संघ के जिला प्रधान महावीर शर्मा और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नवीन केडिया के नेतृत्व में अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त और एडीसी को ज्ञापन सौंपकर डेरा के शिक्षण संस्थानों में शिक्षण कार्य शुरू करवाने की मांग की थी पर प्रशासन ने साफ कर दिया था अभी डेरा के स्कूल खोलने की कोई संभावना नहीं है। अनेक संगठनों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक पत्र भेजे पर अभी तक डेरा के शिक्षण संस्थानों पर ताले लटके हुए हैं।

एबीवीपी ने प्रो. गणेशीलाल को सौंपा ज्ञापन

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Ram Rahim With Honeypreet Insan - फोटो : File Photo
उधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं व डेरा सच्चा सौदा कॉलेज व स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने डेरा सच्चा सौदा में संचालित सभी शिक्षण संस्थाओं को शुरू करने की मांग को लेकर जहां एसडीएम परमजीत सिंह चहल को एक ज्ञापन सौंपा था,

वहीं मंगलवार को अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशीलाल को उनके आवास पर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विद्यार्थियों सुनील, कुमार, नरेश कुमार, अमित कुमार, गोपाल चंद, सुमित कुमार आदि ने बताया कि जब से डेरा विवाद हुआ है, तभी से डेरा सच्चा सौदा में स्थित सभी शिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं।

शिक्षण संस्थान बंद होने से विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्थान बंद होने पर हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेरा के संस्थानों में करीब आठ हजार छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं, इसलिए उनके भविष्य को देखते हुए प्रशासन व सरकार जल्द उक्त शिक्षण संस्थाओं को सुचारू करवाए, ताकि विद्यार्थी अपना पढ़ाई जारी रख सकें।

कर्फ्यू हटते ही खोल दिए जाएंगे शिक्षण संस्थान
दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. यज्ञदत्त वर्मा ने इस संबंध में बताया कि सुरक्षा कारणों को देखते हुए डेरा के स्कूल और कॉलेज बंद हैं। जैसे ही कर्फ्यू समाप्त होगा स्कूल और कालेज खोल दिए जाएंगे।विद्यार्थियों की पढ़ाई के नुकसान और जल्द होने वाली सेमेस्टर परीक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों की जो भी पढाई प्रभावित हुई है उसे पूरा कराने की जिम्मेदारी संस्थान की है उसके नियमित कक्षाओं के बाद अलग से कक्षाएं लगाकर पाठयक्रम तो पूरा करवाना होगा।

 
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