चुनाव में असर दिखाएगी राम रहीम की MSG
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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह की विवादित फिल्म मैसेंजर ऑफ गॉड को भले ही सरकार के हस्तक्षेप के बाद सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिल गई है लेकिन पंजाब सरकार द्वारा सूबे में इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के फैसले का असर आने वाले नगर परिषद चुनाव में देखने को मिल सकता है।
अकाली-भाजपा गठबंधन में एक ओर जहां भाजपा फिल्म को प्रदर्शित करवाने के पक्ष में है, वहीं सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के इस फैसले से पंजाब के डेरा प्रेमियों में सरकार के प्रति रोष है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान डेरा सच्चा सौदा ने खुलेआम भाजपा का समर्थन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हरियाणा रैली के दौरान डेरा मुखी और उनके कार्यों की प्रशंसा की थी। एमएसजी फिल्म को हरी झंडी मिलने के पीछे भी भाजपा और डेरा सच्चा सौदा की नजदीकियां ही मानी जा रही हैं।
अब चूंकि विभिन्न प्रदेशों में फिल्म एमएजी धडल्ले से दिखाई जाएगी वहीं पंजाब में इस पर पाबंदी से डेरा प्रेमी आहत दिखाई दे रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा के अबोहर ब्लॉक के गुरचरण सिंह ने बताया कि अबोहर ब्लॉक में डेरा प्रेमियों की संख्या करीब 25000 है, जबकि पूरे पंजाब में यह संख्या लाखों में है, जो फिल्म की पाबंदी के फैसले से मायूस हैं।
डेरे के राजनीतिक विंग का फैसला सर्वमान्य
सरकार को फैसला लेने से पहले फिल्म देखनी चाहिए थी और अगर उसमें कुछ नाजायज होता तो फिल्म पर प्रतिबंध लगाया जाता। आने वाले नगर परिषद चुनाव में डेरा प्रेमियों के फैसले के बारे में गुरचरण सिंह ने कहा कि इस पर डेरे का राजनीतिक विंग जो फैसला देगा वह सर्वमान्य होगा।
पंजाब के 11 सदस्यीय डेरा प्रेमियों का राजनीतिक विंग सभी साध संगत से फैसला लेने के बाद ही कोई निर्णय लेगा। ब्लॉक खुईयां सरवर के बारे में डेरा प्रेमी जोगिंद्र सिंह बजाज ने बताया कि इस ब्लॉक में प्रेमियों की संख्या 12000 से अधिक होगी।
नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ बनी फिल्म एमएसजी पर पाबंदी के बारे में उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के सौदागर नहीं चाहते कि यह फिल्म दिखाई जाए।
इसीलिए उन्होंने सरकार पर दबाव बनाते हुए फिल्म पर रोक लगवा दी। पंजाब में डेरा प्रेमियों का रुख सूबे के सियासी माहौल में भारी फेरबदल करवा सकता है।