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कौन हैं जज जगदीप सिंह, जिन्होंने राम रहीम को दोषी करार दिया, पहले भी भेज चुके हैं जेल
Fri, 11 Jan 2019 03:36 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 11 Jan 2019 03:36 PM IST
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जज जगदीप सिंह
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11 जनवरी को सिरसा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर पत्रकार छत्रपति मर्डर केस में फैसला आया। अब जानिए उस जज के बारे में सब कुछ, जिन्होंने राम रहीम की किस्मत का फैसला किया। ये बाबा के खिलाफ पहले भी एक फैसला दे चुके हैं, जिसके तहत 20 साल की सजा सुनाई गई थी।
जज जगदीप सिंह ने साल 2012 में हरियाणा ज्यूडिशियल सर्विस ज्वॉइन की। उनकी पहली पोस्टिंग सोनीपत में रही और सीबीआई कोर्ट में उनकी दूसरी पोस्टिंग है। कहा जाता है कि सीबीआई कोर्ट में जज नियुक्त होना आसान नहीं होता, लेकिन ये जगदीप सिंह की काबिलियत ही है कि हाईकोर्ट प्रशासन ने एक ही पोस्टिंग के बाद उन्हें सीबीआई कोर्ट की जिम्मेदारी सौंप दी।
ज्यूडिशियल सर्विस में आने से पहले जगदीप सिंह पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के वकील थे। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुके जगदीप सिंह पिछले साल ही सीबीआई कोर्ट के जज नियुक्त किए गए। जगदीप सिंह के दोस्तों के मुताबिक, वे अपना काम करने में पूरी तरह सक्षम और बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। अपने काम को लेकर सख्त रवैया रखते हैं, लेकिन न्यायप्रिय शख्स हैं। उन्हें गैर- जिम्मेदाराना व्यवहार पसंद नहीं, इसके वे बिल्कुल खिलाफ हैं।
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जज जगदीप सिंह ने साल 2012 में हरियाणा ज्यूडिशियल सर्विस ज्वॉइन की। उनकी पहली पोस्टिंग सोनीपत में रही और सीबीआई कोर्ट में उनकी दूसरी पोस्टिंग है। कहा जाता है कि सीबीआई कोर्ट में जज नियुक्त होना आसान नहीं होता, लेकिन ये जगदीप सिंह की काबिलियत ही है कि हाईकोर्ट प्रशासन ने एक ही पोस्टिंग के बाद उन्हें सीबीआई कोर्ट की जिम्मेदारी सौंप दी।
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ज्यूडिशियल सर्विस में आने से पहले जगदीप सिंह पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के वकील थे। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुके जगदीप सिंह पिछले साल ही सीबीआई कोर्ट के जज नियुक्त किए गए। जगदीप सिंह के दोस्तों के मुताबिक, वे अपना काम करने में पूरी तरह सक्षम और बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। अपने काम को लेकर सख्त रवैया रखते हैं, लेकिन न्यायप्रिय शख्स हैं। उन्हें गैर- जिम्मेदाराना व्यवहार पसंद नहीं, इसके वे बिल्कुल खिलाफ हैं।
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पंजाब यूनिवर्सिटी से ली लॉ की डिग्री
Judge Jagdeep Singh
- फोटो : अमर उजाला
जगदीप सिंह के बारे में कहा जाता है कि जगदीप सिंह हरियाणा के रहने वाले हैं। वे जमीन से जुड़े इंसान हैं और बहुत कम बोलते हैं। वे साल 2000 और 2012 में कई सिविल और क्रिमिनल केस लड़ चुके हैं। जगदीप सिंह ने साल 2000 में पंजाब यूनिवर्सिटी से वकालत की डिग्री ली। एक हरियाणा ज्यूडिशियल अफसर बताते हैं कि जगदीप सिंह बहुत होनहार स्टूडेंट रहे और काफी मेहनती हैं। वे उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी के दिनों से जानते हैं।
जगदीप सिंह सितंबर 2016 में सुर्खियों में आए, जब उन्होंने हादसे में घायल हुए चार लोगों की जिंदगी बचाई। जानकारी के मुताबिक, एक बार जगदीप सिंह हिसार से पंचकूला आ रहे थे। रास्ते में एक एक्सीडेंट हो गया। इसमें चार लोग घायल हो गए। जगदीप सिंह ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला। फिर उन्होंने एंबुलेंस को कॉल की, लेकिन एंबुलेंस को आने में समय था। इसलिए उन्होंने एक गाड़ी रुकवाई और चारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
बता दें कि जगदीप सिंह डेराप्रमुख राम रहीम के खिलाफ साध्वी यौन शोषण मामले में भी फैसला दिया था। जज ने पहले पंचकूला में सीबीआई कोर्ट में बाबा को दोषी करार दिया था, जिसके बाद पंचकूला, पंजाब और हरियाणा में हिंसा हो गई थी। इस बवाल में 40 लोग मारे गए थे। उसके बाद जज ने सुनारिया जेल जाकर बाबा को सजा सुनाई थी। बाबा इस समय रेप केस में बीस साल की सजा काट रहा है।
जगदीप सिंह सितंबर 2016 में सुर्खियों में आए, जब उन्होंने हादसे में घायल हुए चार लोगों की जिंदगी बचाई। जानकारी के मुताबिक, एक बार जगदीप सिंह हिसार से पंचकूला आ रहे थे। रास्ते में एक एक्सीडेंट हो गया। इसमें चार लोग घायल हो गए। जगदीप सिंह ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला। फिर उन्होंने एंबुलेंस को कॉल की, लेकिन एंबुलेंस को आने में समय था। इसलिए उन्होंने एक गाड़ी रुकवाई और चारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
बता दें कि जगदीप सिंह डेराप्रमुख राम रहीम के खिलाफ साध्वी यौन शोषण मामले में भी फैसला दिया था। जज ने पहले पंचकूला में सीबीआई कोर्ट में बाबा को दोषी करार दिया था, जिसके बाद पंचकूला, पंजाब और हरियाणा में हिंसा हो गई थी। इस बवाल में 40 लोग मारे गए थे। उसके बाद जज ने सुनारिया जेल जाकर बाबा को सजा सुनाई थी। बाबा इस समय रेप केस में बीस साल की सजा काट रहा है।